गाजियाबाद (शिखर समाचार)। थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी आवासीय परिसर में नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीन नाबालिग बहनों के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा ओर बढ़ा दिया है। तीनों के शवों का पोस्टमार्टम करा लिया गया है और उसकी रिपोर्ट आ गई है। उधर कॉलोनी में शोक का माहौल है और लोगों में घटना को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है।
सामूहिक आत्महत्या की आशंका, पर हर पहलू की वैज्ञानिक जांच जारी
डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि शुरुआती पड़ताल में मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन हर पहलू को वैज्ञानिक तरीके से परखा जा रहा है।घटनास्थल से मिले कागजात, निजी नोट्स, एक मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों को जब्त कर विश्लेषण के लिए भेजा गया है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ऑनलाइन गतिविधियों का ब्यौरा निकाला जा रहा है। बच्चियों के पास अन्य दो मोबाइल फोन थे, जिसमें से एक उनके पिता ने कुछ दिन पहले बेच दिया था और दूसरा लगभग 6 महीने पहले बेचा था। बेचे गए मोबाइल फोन भी पुलिस बरामद करने में जुटी हुई है। मोबाइल फोन बरामद करने के बाद उनका डाटा भी रिकवर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और परिचितों से विस्तृत बातचीत की गई है। बच्चियों की दिनचर्या, पढ़ाई, मित्र मंडली और हाल के व्यवहार में आए बदलावों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
घटना की तहकीकात तेज: दस्तावेज, डिजिटल ट्रेस और CCTV से कारणों का पता लगाया जा रहा
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/grand-cxo-meet-2025-held-at-its-mohan-nagar/
उन्होंने बताया कि किसी प्रकार का दबाव, धमकी या बाहरी उकसावे का तत्व तो नहीं था, इसे भी खंगाला जा रहा है।घटनास्थल से कुछ लिखित सामग्री और निजी अभिलेख मिले हैं, जिनकी सत्यता और संदर्भ की पुष्टि की जा रही है। इन दस्तावेजों की लिखावट और समय का मिलान कराया जाएगा। साथ ही मोबाइल वार्तालाप, संदेश और इंटरनेट उपयोग का ब्योरा तकनीकी टीम जुटा रही है। पोस्टमार्टम प्रक्रिया जिला अस्पताल में कराई गई।प्रारंभिक चिकित्सीय परीक्षण में ऊंचाई से गिरने के कारण गंभीर आघात की पुष्टि हुई है। भारत सिटी परिसर में घटना के बाद से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रवेश द्वारों पर निगरानी बढ़ाई गई है और सीसीटीवी अभिलेख खंगाले जा रहे हैं। सोसाइटी प्रबंधन से भी सुरक्षा प्रोटोकॉल और रात की गश्त के बारे में जानकारी ली गई है। निवासियों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध जानकारी को तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं।
डीसीपी निमिष पाटिल ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों की मानसिक स्थिति, डिजिटल उपयोग और सामाजिक व्यवहार पर संवेदनशील नजर रखना जरूरी है। यदि किसी तरह का तनाव, अलगाव या असामान्य बदलाव दिखे तो परामर्शदाता या मनोवैज्ञानिक की मदद लेने में देर न करें। उन्होंने यह भी कहा कि अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं से बचें, आधिकारिक जानकारी ही सही मानी जाए। जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें विधिवत साझा किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले को संवेदनशील श्रेणी में रखकर बहुस्तरीय जांच जारी है।
