ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध खनन और अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर निगरानी और कार्रवाई की नई व्यवस्था लागू कर दी है। सुरक्षा तंत्र को मजबूत करते हुए अतिरिक्त भूतपूर्व सेवानिवृत्त सैनिकों और गैनमैन की तैनाती की गई है और गश्त व्यवस्था को सक्रिय बनाने के लिए अतिरिक्त वाहन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
अवैध खनन और निर्माण पर प्रभावी निगरानी
प्राधिकरण के विभिन्न सेक्टरों में पहले से 85 भूतपूर्व सैनिक तैनात हैं, जो नियमित गश्त कर अवैध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। अब इस व्यवस्था का विस्तार करते हुए सेक्टर 05, 08, 08डी, 09 और 11 सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में 10 अतिरिक्त गैनमैन और सैनिक तैनात किए गए हैं। ये कर्मी वाहन के माध्यम से क्षेत्र में लगातार गश्त करेंगे और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभागों को देंगे। गश्त के लिए पहले से उपलब्ध चार बोलेरो वाहनों के अतिरिक्त एक नया बोलेरो वाहन भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित हो सके।
सुरक्षा बल की नई जिम्मेदारी और विभागीय जवाबदेही
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नई व्यवस्था के तहत सुरक्षा बल अवैध खनन के साथ-साथ अवैध निर्माण पर भी अंकुश लगाने के लिए उत्तरदायी होंगे। सुरक्षा कर्मियों द्वारा दी गई सूचनाओं के आधार पर लेखपाल और तहसीलदार नियमानुसार कार्रवाई करेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। संबंधित क्षेत्र के लेखपाल और परियोजना अभियंता को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उनके क्षेत्र में किसी प्रकार का अवैध निर्माण पाया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। विभागीय समन्वय और त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए एक साझा व्हाट्सऐप समूह भी बनाया गया है, जिससे कार्रवाई तेज और प्रभावी हो सके।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी की इस नई पहल के तहत अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार ने सभी भूतपूर्व सैनिकों और गैनमैन की बैठक लेकर उन्हें नए निर्देशों, जिम्मेदारियों और कार्रवाई की प्रक्रिया से अवगत कराया तथा सख्ती और सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए।
