गौतमबुद्धनगर (शिखर समाचार) जनपद में बाल और किशोर श्रम की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। बाल किशोर श्रम उन्मूलन कार्यक्रम के तहत उपश्रमायुक्त राकेश द्विवेदी के दिशा निर्देशन में गठित टीमों ने अलग अलग क्षेत्रों में पहुंचकर प्रतिष्ठानों की जांच की और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की।
प्रवर्तन अभियान का विवरण
यह अभियान 30 जनवरी 2026 को संचालित किया गया, जिसमें मानव तस्करी निरोधक इकाई तथा सहयोग संस्था के सदस्यों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अभियान के दौरान होटल, ढाबे, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में श्रम प्रवर्तन अधिकारी सुप्रिया द्विवेदी, जितेंद्र सिंह भदौरिया, महीप सिंह, कौशलेंद्र सिंह और हिमांशु अग्रवाल शामिल रहे।
संयुक्त जांच के दौरान कुल 37 किशोरों के श्रमिक के रूप में कार्यरत होने की पहचान की गई। इसके साथ ही श्रम कानूनों के उल्लंघन के मामलों में 28 सेवायोजकों के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणी जारी की गई। संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रशासन का सख्त रुख
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प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा कि बाल एवं किशोर श्रम न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज के भविष्य के साथ भी अन्याय है। इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि बाल-किशोर श्रम की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी बच्चों या किशोरों से काम कराया जा रहा हो तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके।
