गाजियाबाद (शिखर समाचार)
आईएमएस गाजियाबाद में 4 फरवरी 2026 को प्रबंधन विभाग द्वारा संघीय बजट 2026–27 को केंद्र में रखकर एक व्यापक और शिक्षाप्रद बजट अनुकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन प्रत्यक्ष संसद प्रारूप में संपन्न हुआ, जिसमें 150 से अधिक विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए संसदीय कार्यवाही का जीवंत अभ्यास किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय प्रावधानों, मंत्रालयों के कार्यक्षेत्र, नीति निर्माण की प्रक्रिया और वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों की व्यवहारिक जानकारी देना रहा, ताकि वे पाठ्य ज्ञान के साथ वास्तविक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी समझ सकें।
शिक्षा से शासन तक: व्यवहारिक सीख से नेतृत्व निर्माण की दिशा
कार्यक्रम में आईएमएस समूह संस्थानों के महासचिव सीए (डॉ) राकेश छारिया, निदेशक प्रो.(डॉ) जसकिरण कौर तथा अनुसंधान एवं विकास प्रमुख डॉ. यर्रागोला प्रकाश की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। निदेशक डॉ. जसकिरण कौर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यवहारिक आयोजन शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रखते, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तविक निर्णय प्रक्रिया और शासकीय ढांचे से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच भविष्य के प्रबंधकों और नीति निर्धारकों में नेतृत्व, तर्क क्षमता और निर्णय कौशल को मजबूत करते हैं तथा विद्यार्थियों को निरंतर सहभागिता के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अभ्यास कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने संघीय बजट की संरचना, आय व्यय संतुलन, कर प्रावधानों और विकास योजनाओं को व्यावहारिक रूप में समझा। उन्हें यह भी अनुभव मिला कि बजट निर्माण केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक प्राथमिकताओं का संतुलित निर्धारण होता है। संसदीय पद्धति, मंत्रालयों की जिम्मेदारियां और प्रश्नोत्तर प्रक्रिया का अभ्यास होने से विद्यार्थियों की विषय समझ और अधिक सुदृढ़ हुई।
संसद का सजीव मंच: विद्यार्थियों ने निभाईं नेतृत्व और नीति-निर्माण की भूमिकाएँ
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भूमिकाओं के निर्वहन में विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। अन्नी पांडे ने वित्त मंत्री के रूप में बजट प्रस्तुत किया। आयुष्मान चौधरी और अंशिका कुमारी ने विपक्ष की भूमिका निभाते हुए नीतिगत प्रश्न उठाए। आर्यन शर्मा ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में सारगर्भित तर्क रखे। मंत्रालयों के प्रतिनिधित्व में प्रियांश शर्मा ने परिवहन मंत्रालय, श्रेया रानी सिंह ने स्वास्थ्य मंत्रालय, विशेष त्यागी ने रक्षा मंत्रालय और कौशलेंद्र पाठक ने शिक्षा मंत्रालय का पक्ष रखा। वंश त्यागी ने भी संसदीय कार्यवाही में सक्रिय योगदान दिया। इन प्रस्तुतियों से प्रत्यक्ष संसद की अवधारणा सजीव रूप में सामने आई।
आयोजन के दौरान समूह चर्चा, विचार विमर्श और निर्णय प्रक्रिया के अभ्यास से विद्यार्थियों के संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक कार्यशैली का विकास हुआ। समसामयिक आर्थिक और सामाजिक विषयों पर बहस के अवसर मिलने से उनकी विश्लेषण शक्ति और तार्किक सोच को भी मजबूती मिली। कार्यक्रम का संचालन सीए, सीएमए विक्रांत सिंह ने सुव्यवस्थित ढंग से किया। इस आयोजन ने ज्ञानवर्धन के साथ-साथ रचनात्मक सोच और सक्रिय सहभागिता को भी प्रोत्साहित किया।

