हापुड़ (शिखर समाचार)। पारिवारिक विवाद ने एक बुजुर्ग बर्तन कारोबारी की जिंदगी निगल ली। कसेरठ बाजार के जाने माने कारोबारी वेदप्रकाश अग्रवाल ने शनिवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। रविवार सुबह उनका शव कमरे में मिला तो परिवार और आसपास के लोगों में अफरा तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू की।
शनिवार रात से रविवार सुबह तक फैली चौंकाने वाली घटना: वेदप्रकाश अग्रवाल मरणासन्न अवस्था में मिले
जानकारी के मुताबिक वेदप्रकाश अग्रवाल रोज की तरह शनिवार देर शाम दुकान बंद कर घर लौटे थे। रात को खाना खाने के बाद वे अपने कमरे में सोने चले गए। रविवार सुबह करीब आठ बजे बहू श्वेता अग्रवाल उन्हें चाय देने पहुंचीं तो वह मरणासन्न अवस्था में पड़े मिले। श्वेता की चीख सुनकर परिवार के लोग दौड़े और कुछ ही देर में मोहल्ले में भीड़ लग गई। आनन फानन में पुलिस को सूचना दी गई।
नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह बिष्ट पुलिस दल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें वेदप्रकाश ने चार लोगों पर मानसिक उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप लगाया है। सूत्रों के अनुसार नोट में लिखा है कि अब जीने की हिम्मत नहीं बची, चार लोगों ने मेरा जीना दूभर कर दिया है।
सुसाइड नोट ने बढ़ाई जांच की धार: चार व्यक्तियों के नाम दर्ज, पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया
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पुलिस ने बताया कि मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में जिन पिता पुत्र समेत चार लोगों के नाम दर्ज हैं, उनकी भूमिका की जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों की तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस घटना से पूरे व्यापारिक वर्ग में शोक की लहर है। कसेरा एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप जैन और महामंत्री सौरभ गोविंद ने वेदप्रकाश अग्रवाल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। व्यापारियों ने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
