ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) शारदा यूनिवर्सिटी के शारदा स्कूल ऑफ लॉ ने गौतम बुद्ध नगर स्थित ककराला गांव में एक प्रभावी सामुदायिक जुड़ाव एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह पहल शारदा वेलफेयर के सहयोग से आयोजित की गई, जिसका प्रमुख उद्देश्य ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आजीविका से जुड़ी प्रमुख सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देना था।
विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक शिक्षा: समाज से संवाद से बढ़ा दायित्व और संवेदनशीलता
यह अभियान विद्यार्थियों के लिए एक व्यावहारिक शिक्षण का मंच साबित हुआ। ग्रामीण समुदाय के साथ सीधा संवाद स्थापित करने से छात्रों में सामाजिक सरोकार, दायित्वबोध और मानवीय संवेदनशीलता का विकास हुआ। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर समाज की वास्तविक ज़रूरतों और चुनौतियों से रूबरू कराते हैं।
प्रो. ऋषिकेश दवे का संदेश: सामुदायिक कार्यक्रमों से छात्रों में विकसित होती है नागरिक चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी
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शारदा स्कूल ऑफ लॉ के डीन, प्रोफेसर (डॉ.) ऋषिकेश दवे ने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार के सामुदायिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को समाज की वास्तविकताओं से सीधे जोड़ते हैं। इससे न केवल उनमें नागरिक चेतना विकसित होती है, बल्कि वे कानून को समाजसेवा के एक प्रभावी माध्यम के रूप में भी समझ पाते हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. वैषाली अरोड़ा एवं डॉ. मनवेंद्र सिंह की मुख्य भूमिका रही। इस अवसर पर डॉ. बर्नाली खारा, डॉ. निम्मी, देशराज सिंह तथा आदित्य जायसवाल जैसे शिक्षक एवं सदस्य भी उपस्थित रहे। इस पहल ने न केवल ग्रामीणों को लाभान्वित किया, बल्कि छात्रों के लिए एक सार्थक शैक्षणिक अनुभव भी सृजित किया।
