मुख्य विकास अधिकारी ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश, कहा कि योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

Rashtriya Shikhar
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The Chief Development Officer gave strict instructions in the review meeting of development works, stating that negligence in the schemes will not be tolerated IMAGE CREDIT TO INFORMATION DEPARTMENT

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)।
विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में सीएम डैशबोर्ड, विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों, निर्माण परियोजनाओं, सीएमआईएस पोर्टल, विकसित उत्तर प्रदेश अभियान और फैमिली आईडी योजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में जनपद के तमाम विभागों की योजनाओं की स्थिति का विश्लेषण किया गया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सीएम डैशबोर्ड में सटीकता अनिवार्य : मुख्य विकास अधिकारी ने विभागों को समय पर और सत्यापित डेटा दर्ज करने का दिया निर्देश

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मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड की मॉनिटरिंग सीधे शासन स्तर से होती है, ऐसे में किसी भी विभाग द्वारा लापरवाही या अधूरे आंकड़े अपलोड करना गंभीर माना जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी योजनाओं की प्रगति नियमित रूप से अपडेट करें और केवल सही, सत्यापित तथा त्रुटिहीन जानकारी ही दर्ज करें। उन्होंने यह भी जोड़ा कि डैशबोर्ड पर कम रैंकिंग वाले विभाग तत्काल सुधार करें और निर्धारित मानकों के अनुरूप काम पूरा करें।

समीक्षा के दौरान ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सिंचाई, पूर्ति, पशुपालन, समाज कल्याण और अन्य विभागों की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा की गई। डॉ. द्विवेदी ने स्पष्ट कहा कि जनपद में चल रही सभी निर्माण परियोजनाएं तय समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं, ताकि विकास योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे।

फैमिली आईडी योजना से हर परिवार को एकीकृत पहचान मिलेगी, सरकारी लाभ पारदर्शी और सटीक तरीके से पहुंचेंगे

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फैमिली आईडी योजना पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि यह पहल प्रत्येक परिवार को एकीकृत पहचान प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं के लाभ को पारदर्शी और सटीक तरीके से पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेटा प्रविष्टि, सत्यापन और आधार एकीकरण के कार्य को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निपटाया जाए।

विकसित उत्तर प्रदेश अभियान की समीक्षा में मुख्य विकास अधिकारी ने असंतोष जताते हुए कहा कि अब तक कई विभागों ने अपेक्षित संख्या में सुझाव अपलोड नहीं किए हैं। उन्होंने बताया कि सुझावों की अंतिम तिथि अब 15 नवम्बर तक बढ़ा दी गई है। इस अवधि में सभी विभाग अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करें और आम जनता के सुझावों को पोर्टल पर अपलोड कराएं, ताकि योजनाओं में जनभावनाओं का समावेश हो सके।

जिलाधिकारी और विभागीय अधिकारियों की बैठक में हुई योजनाओं और कार्यों पर व्यापक समीक्षा

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बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, उपयुक्त उद्योग अनिल कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, उप कृषि निर्देशक राजीव कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी सुरेश रावत, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी कुमुद चौधरी, प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी स्मृति गौतम तथा सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

डॉ. द्विवेदी ने अंत में कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि जनता तक वास्तविक सुधार और सुविधा पहुंचाना है। शासन की मंशा है कि हर योजना का असर जमीन पर दिखे और हर नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

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