भागवत कथा श्रवण से मिलती है मोक्ष की राह, मिटते हैं जन्म-जन्मांतर के पाप : कथावाचक हार्दिक भाई जोशी

Rashtriya Shikhar
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Listening to the Bhagwat Katha paves the way to salvation, and the sins of multiple lifetimes are eradicated IMAGE CREDIT TO Hardik Bhai Joshi

हापुड़ (शिखर समाचार)
शहर के श्री सनातन धर्म सभा परिसर में धर्मपरायण स्व. लाला हुकम चंद के परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में श्रद्धा और भक्ति का सागर उमड़ पड़ा। कथा के दौरान कथावाचक हार्दिक भाई जोशी ने जब श्रीमद् भागवत के महत्व और कलयुग में इसके फलदायी प्रभाव का उल्लेख किया, तो पूरा पंडाल भक्तिरस में सराबोर हो गया। उन्होंने कहा कि कलयुग में भागवत कथा सुनना ही जीव के मोक्ष का सबसे सरल मार्ग है। कथा श्रवण से जहां जन्म-जन्मांतर के पापों का अंत होता है, वहीं आत्मा का परम कल्याण भी सुनिश्चित होता है।

गौ माता की प्रार्थना और भगवान के अवतार: अधर्म पर धर्म की विजय की कथा

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कथावाचक ने कहा कि जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ने लगे, तब गौ माता व्याकुल होकर भगवान ब्रह्मा के पास पहुंचीं। उन्होंने बताया कि ब्रह्मा ने कहा कि जब-जब सृष्टि पर अन्याय हावी होता है, तब-तब परमात्मा किसी न किसी रूप में अवतरित होकर धर्म की पुनर्स्थापना करते हैं। इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं के हृदय में आस्था की नई ज्योति जगा दी।

हार्दिक भाई जोशी ने गजेन्द्र मोक्ष का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब तालाब में स्नान करते हुए हाथी गजेन्द्र का पैर घड़ियाल ने पकड़ लिया, तब उसने पीड़ा में डूबकर भगवान विष्णु का स्मरण किया। भक्त की पुकार सुनकर भगवान स्वयं प्रकट हुए और गजेन्द्र को मुक्त कराया। उन्होंने कहा कि यही सच्ची भक्ति है जब संकट की घड़ी में मन केवल ईश्वर को पुकारे।

राम और कृष्ण की दिव्य कथाएँ: सत्य, त्याग और हरिनाम से भावविभोर हुए श्रद्धालु

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कथा में आगे उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के अवतार का वर्णन किया, जिन्होंने सत्य, त्याग और मर्यादा की मिसाल बनकर मानवता को धर्म के पथ पर चलने की प्रेरणा दी। इसके बाद भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव का वर्णन हुआ, जिसमें बंदीगृह से लेकर गोकुलधाम तक की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। जैसे ही नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की का जयघोष हुआ, पूरा वातावरण हरिनाम से गूंज उठा।

कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भागवत की आरती उतारी और प्रसाद का वितरण किया गया। परिसर में पूरे समय भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।

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कार्यक्रम में गोपाल अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल चोटी, अरुण गर्ग, रोहित गर्ग, दीपक गर्ग, अशोक छारिया, नरेन्द्र जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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