ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) उत्तर प्रदेश 18 अक्टूबर 2025 यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इस सप्ताह जापान की चिकित्सा उत्कृष्टता संस्था के वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत किया। यह दौरा भारत और जापान के बीच चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने और यमुना क्षेत्र को उन्नत चिकित्सा तकनीक का केंद्र बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
चिकित्सा उपकरण पार्क के विकास हेतु सहयोग: प्राधिकरण अधिकारियों से प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण मुलाकात
प्रतिनिधिमंडल ने प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरके सिंह, ओएसडी शैलेन्द्र भाटिया और ईपीसीएमडी के कार्यकारी निदेशक प्रवीण कुमार मित्तल से मुलाकात की और चिकित्सा उपकरण पार्क के विकास हेतु सहयोग समझौते के मसौदे पर चर्चा की। इस समझौते का लक्ष्य निवेश, तकनीकी सहयोग और निर्यात के नए अवसरों को बढ़ावा देना है।
इस सहयोग से निम्नलिखित लाभ मिलने की संभावना है जिसमें निवेश को प्रोत्साहित करना: जापानी चिकित्सा उपकरण कंपनियों को पार्क में निर्माण और अनुसंधान एवं विकास इकाइयाँ स्थापित करने के लिए आकर्षित करना। तकनीक का हस्तांतरण: जापानी कंपनियों से अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता भारतीय कंपनियों तक पहुंचाना और निर्यात के अवसर बढ़ाना: पार्क में निर्मित उत्पादों के लिए जापानी स्वास्थ्य बाजार सहित अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसर खोलना।
आरके सिंह का बयान: जापान से सहयोग से चिकित्सा उपकरण पार्क को मिलेगा नई दिशा, ‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगी वैश्विक पहचान
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सीईओ आरके सिंह ने कहा कि जापान की चिकित्सा उत्कृष्टता संस्था के साथ यह सहयोग हमारे चिकित्सा उपकरण पार्क और मेक इन इंडिया पहल के लिए निर्णायक मोड़ साबित होगा। यह क्षेत्र में उच्च तकनीक वाले स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में तेजी लाएगा, नवाचार को बढ़ावा देगा और हमें वैश्विक स्तर पर प्रमुख निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
अगले महीने जापानी प्रतिनिधिमंडल का दौरा निर्धारित है, जिसमें सहयोग समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके तुरंत बाद अग्रणी जापानी चिकित्सा उपकरण निर्माता पार्क का दौरा करेंगे, स्थानीय कंपनियों से मुलाकात करेंगे और संयुक्त उद्यम तथा सहयोगी निर्माण के अवसरों का मूल्यांकन करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार यह रणनीतिक साझेदारी भारत और जापान के बीच एक मजबूत और लाभकारी स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करेगी, जिससे उच्च तकनीक वाले चिकित्सा उपकरण निर्माण में क्षमताओं को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र वैश्विक स्वास्थ्य उद्योग में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा।
