सेवारत शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट आदेश के विरोध में दिया ज्ञापन, संसद से कानून संशोधन की मांग

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
Serving Teachers Submit Memorandum Opposing Supreme Court Order IMAGE CREDIT TO TEACHERS UNION

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)।
सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश, जिसमें सेवारत शिक्षकों को अनिवार्य रूप से दो वर्ष के भीतर टीईटी (TET) परीक्षा पास करने का निर्देश दिया गया है, के खिलाफ प्रदेशभर के शिक्षक लामबंद हो गए हैं। इसी कड़ी में जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष निरंजन सिंह नागर की अगुवाई में सैकड़ों शिक्षकों ने शुक्रवार को विरोध जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। प्रशासनिक अधिकारी अनिल सारस्वत को दिया गया यह ज्ञापन केंद्र सरकार से मांग करता है कि आगामी सत्र में संसद में विधेयक लाकर इस कानून को बदला जाए।

शिक्षक संघ ने आरटीई एक्ट के बाद टीईटी परीक्षा को अनावश्यक करार दिया

ALSO READ:https://www.amarujala.com/delhi-ncr/ghaziabad/a-cunning-father-and-son-duped-a-cloth-merchant-of-rs-37-lakh-ghaziabad-news-c-139-1-mdr1001-107160-2025-09-11

शिक्षक संघ का कहना है कि उत्तर प्रदेश में जब से आरटीई (RTE) एक्ट लागू हुआ है, उससे पूर्व नियुक्त सभी शिक्षक पूरी योग्यता और चयन प्रक्रिया पूरी कर ही नियुक्त हुए हैं। ऐसे में उन्हें टीईटी जैसी अतिरिक्त परीक्षा देने के लिए बाध्य करना अन्यायपूर्ण है। संघ पदाधिकारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2017 में चुपचाप एक गजट जारी किया और उसके आधार पर अब सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया है, जिससे सेवारत शिक्षकों में गहरी निराशा और आक्रोश फैल गया है।

शिक्षकों का तर्क है कि यह आदेश उनके आत्मसम्मान और गरिमा पर सीधा प्रहार है। उनका मानना है कि जो शिक्षक वर्षों से सेवा कर रहे हैं, बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं, उनकी दक्षता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि संसद में संशोधन कर इस कानून को नहीं बदला गया तो यह आंदोलन और तेज होगा।

शिक्षक संघ की बड़ी बैठक में वरिष्ठ नेता और भारी संख्या में महिला-पुरुष शिक्षकों ने जताई एकजुटता

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/ghaziabad-is-changing-with-modern-technology/

इस मौके पर संघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष नागर, मेरठ मंडल अध्यक्ष उमेश राठी, जिला महामंत्री शकरुद्दीन खान, कोषाध्यक्ष सतपाल लोहिया, उपाध्यक्ष संजय भाटी, ब्लॉक अध्यक्ष दनकौर सत्यवीर नागर, ब्लॉक महामंत्री पम्मी मलिक, सहयोगी प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनोद नागर, महामंत्री नरेश कौशिक, महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष अनीता वार्ष्णेय व जिला महामंत्री सावित्री नागर सहित राकेश गौतम, गीता भाटी, रति गुप्ता जैसे प्रमुख शिक्षक नेताओं के साथ बड़ी संख्या में महिला व पुरुष शिक्षक मौजूद रहे।

शिक्षकों ने सरकार को आगाह किया कि यदि उनकी आवाज अनसुनी की गई तो वह राज्यव्यापी आंदोलन की ओर बढ़ेंगे।

WhatsApp Image 2025 09 11 at 8.07.52 PM
Share This Article
Leave a comment