——-आरव शर्मा और परिवार की सुरक्षा का आश्वासन, आरोपियों की पहचान कर जल्द खुलासा करने का भरोसा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)। राष्ट्रीय शिखर हिंदी दैनिक के समाचार संपादक आरव शर्मा को जान से मारने की धमकी दिए जाने के मामले में पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की गंभीरता से जांच कराने, धमकी देने वाले आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और आरव शर्मा सहित उनके परिवार को समुचित सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। पुलिस कमिश्नर ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि पुलिस की टीम मामले में काम कर रही है और जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा। उन्होंने आरव शर्मा और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया।
गौरतलब है कि 18 अक्टूबर की रात आरव शर्मा के मोबाइल फोन पर व्हाट्सऐप के माध्यम से दो ऑडियो संदेश प्राप्त हुए थे। आरोप है कि संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने अपना नाम आशु प्रजापति बताते हुए खुद को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य बताया और आरव शर्मा को जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद से आरव शर्मा और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरव शर्मा ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की थी।
ऑडियो संदेशों की जांच और आरोपी की पहचान की मांग
पुलिस कमिश्नर से मुलाकात के दौरान पत्रकारों ने कहा कि किसी पत्रकार को धमकी देना केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय है। पत्रकार जनहित के मुद्दों को सामने लाने और जनता तक सूचनाएं पहुंचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में किसी पत्रकार को डराने या धमकाने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि धमकी देने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान सामने लाई जाए और उसके मोबाइल नंबर, व्हाट्सऐप खाते तथा भेजे गए ऑडियो संदेशों की तकनीकी और फोरेंसिक जांच कराई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संबंध होने का दावा वास्तविक है या किसी व्यक्ति ने भय पैदा करने के उद्देश्य से गिरोह का नाम इस्तेमाल किया है। पत्रकारों ने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
परिवार की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
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प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर के सामने आरव शर्मा और उनके परिवार की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पत्रकारों ने कहा कि धमकी की गंभीरता को देखते हुए खतरे का आकलन कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि परिवार के सदस्य भयमुक्त वातावरण में रह सकें। किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और शिकायत पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
जल्द खुलासे की उम्मीद, पत्रकार जगत की निगाहें पुलिस पर
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पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच की जा रही है और पुलिस टीम तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही प्रकरण का खुलासा किया जाएगा तथा आरव शर्मा और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए समुचित व्यवस्था की जाएगी।
पुलिस कमिश्नर से मिले आश्वासन के बाद अब पत्रकार जगत की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। पत्रकारों को उम्मीद है कि जांच के जरिए धमकी के पीछे की वास्तविकता सामने आएगी और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई होगी। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि वे बिना भय और दबाव के अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
अब पुलिस की जांच और कार्रवाई से ही स्पष्ट होगा कि धमकी देने वाले व्यक्ति के पीछे कौन है और इस मामले में किन लोगों की भूमिका सामने आती है।
