ग्रैप-1 लागू होते ही एक्शन मोड में जीडीए: निर्माण स्थलों पर लापरवाही बरती तो लगेगा भारी जुर्माना, आदत से बाज न आने वाले होंगे ब्लैकलिस्ट

Rashtriya Shikhar
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GDA Goes into Action Mode as GRAP-1 Comes into Effect: Heavy Fines for Negligence at Construction Sites; Repeat Offenders to Be Blacklisted. IMAGE CREDIT TO प्राधिकरण

——–उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल की दो टूक निजी बिल्डर हों या जीडीए के अपने प्रोजेक्ट्स, धूल उड़ी तो सीधे नपेंगे जिम्मेदार

आरव शर्मा

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू होते ही गाजियाबाद विकास प्राधिकरण पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियमों की जमीनी हकीकत परखने के लिए जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने शनिवार को विकास भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने सभी आठ प्रवर्तन जोनों के अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि शहर में धूल और प्रदूषण फैलाने वालों पर बिना किसी रियायत के सीधे कार्रवाई की जाए।

आठों प्रवर्तन जोनों में औचक निरीक्षण, निर्माण स्थलों की होगी जांच

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समीक्षा बैठक में सचिव, अपर सचिव, प्रभारी मुख्य अभियंता, विशेष कार्याधिकारी और सभी जोनल प्रभारी मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने शहर को आठ जोनों में बांटकर विशेष निरीक्षण दस्तों का गठन करने और लगातार औचक छापे मारने के आदेश जारी किए।

बैठक में उपाध्यक्ष ने साफ किया कि यह विशेष जांच अभियान सिर्फ निजी बिल्डरों और व्यावसायिक डेवलपर्स तक सीमित नहीं रहेगा। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की अपनी विभिन्न योजनाओं के तहत चल रहे सभी विकास कार्यों पर भी ये नियम सख्ती से लागू होंगे। सरकारी और गैर-सरकारी दोनों स्तरों पर प्रदूषण नियंत्रण मानकों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य रहेगा।

निर्माण और ध्वस्तीकरण स्थलों पर निम्नलिखित मानकों की सख्ती से जांच की जाएगी:

  • पर्याप्त क्षमता वाली एंटी-स्मॉग गन का संचालन सुनिश्चित करना।
  • निर्माण सामग्री, रेत, मिट्टी और मलबे को मजबूत ग्रीन नेट या तिरपाल से ढकना।
  • धूल उड़ने से रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव और वॉटर मिस्टिंग सिस्टम का इस्तेमाल।
  • मलबे के उठान और परिवहन के दौरान सीएक्यूएम के दिशा-निर्देशों का पालन करना।

नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना, बार-बार उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

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जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल (आईएएस) ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “शहरवासियों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी। ग्रैप-1 के दिशा-निर्देश पूरी तरह प्रभावी हैं और इसका उल्लंघन बर्दाश्त से बाहर है। सभी जोनल टीमें अपने-अपने इलाकों में दिन-रात निगरानी रखेंगी। जो निर्माणकर्ता चेताने के बाद भी नियमों की अनदेखी करेंगे, उन पर न सिर्फ भारी जुर्माना ठोका जाएगा, बल्कि बार-बार उल्लंघन करने वाले ‘हैबिचुअल ऑफेंडर्स’ को सीधे ब्लैकलिस्ट कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फील्ड में किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।”

उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि हर निरीक्षण, पकड़ी गई कमी, जारी किए गए नोटिस और वसूले गए जुर्माने का पूरा डिजिटल व दस्तावेजी रिकॉर्ड तैयार रखा जाए, ताकि लापरवाह बिल्डरों और एजेंसियों पर शिकंजा पूरी तरह कसा जा सके।

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