सहारनपुर (शिखर समाचार)। बलिया खेड़ी विकासखंड की ग्राम पंचायत थरौली में विकसित योगी लेक के जल संरक्षण मॉडल को राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सम्मान मिला है। जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रयासों के लिए नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संदीप चौधरी को ‘जल प्रहरी सम्मान’ से सम्मानित किया। इस उपलब्धि से ग्राम पंचायत थरौली और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
योगी लेक के जल संरक्षण मॉडल को मिला ‘जल प्रहरी सम्मान’
ग्राम प्रधान रीता चौधरी के नेतृत्व में विकसित योगी लेक कभी कूड़े और जलकुंभी से प्रभावित तालाब हुआ करती थी। ग्राम पंचायत, ग्रामीणों और सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों से इसका पुनर्जीवन किया गया। आज यह जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बनकर उभरी है।
ग्राम प्रधान रीता चौधरी ने बताया कि योगी लेक का उद्देश्य केवल तालाब का सौंदर्यीकरण करना नहीं, बल्कि वर्षा जल को संरक्षित करना और भविष्य के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने के प्रति लोगों को जागरूक करना है। यह पहल दर्शाती है कि जनभागीदारी और स्थानीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
योगी लेक में कयाकिंग, कैनोइंग और ड्रैगन बोट को बढ़ावा देने की योजना
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ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संदीप चौधरी ने बताया कि योगी लेक को जल क्रीड़ा गतिविधियों से भी जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। यहां नौकायन की विभिन्न गतिविधियों के अंतर्गत कयाकिंग, कैनोइंग और ड्रैगन बोट को बढ़ावा देने की योजना है, जिससे ग्रामीण बच्चों और युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।
संदीप चौधरी ने कहा कि जल संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। तालाबों का पुनर्जीवन और वर्षा जल संचयन भविष्य की जल सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने ‘जल प्रहरी सम्मान’ को ग्राम पंचायत, प्रधान रीता चौधरी और समस्त ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों का सम्मान बताते हुए कहा कि इससे जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के कार्यों को नई प्रेरणा मिलेगी।
