लखनऊ (शिखर समाचार)। आने वाले पेराई सत्र 2026-27 के शुरू होने से पहले गन्ने के मूल्य में अधिकतम बढ़ोतरी की मांग को लेकर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। रालोद विधानमंडल दल के नेता एवं बुढ़ाना विधायक राजपाल सिंह बालियान के नेतृत्व में मिले इस प्रतिनिधिमंडल में बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, बिजनौर सांसद चंदन सिंह चौहान, प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल कुमार सहित कई विधायक प्रमुख रूप से शामिल रहे।
बढ़ती लागत का हवाला देकर गन्ना मूल्य में वृद्धि की मांग
मुख्यमंत्री के साथ हुई इस बैठक के दौरान रालोद नेताओं ने विस्तार से बताया कि उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गन्ना किसानों की रीढ़ की हड्डी जैसी भूमिका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत पूरे राज्य के लाखों परिवारों की आजीविका गन्ने की खेती पर टिकी है। नेताओं ने कहा कि खाद, बीज, कीटनाशक दवाइयों, डीजल, सिंचाई और कृषि यंत्रों के खर्च के साथ-साथ खेतों की मजदूरी में भारी वृद्धि हुई है। फसल तैयार करने में किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन उस अनुपात में लाभ न मिलने से खेती को बचाए रखना कठिन होता जा रहा है।
पेराई सत्र से पहले नए गन्ना मूल्य की घोषणा की मांग
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/
प्रतिनिधिमंडल ने पिछले पेराई सत्र के दौरान गन्ने के मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी किए जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार भी जताया। साथ ही पुरजोर मांग की कि मौजूदा महंगाई और बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए इस बार गन्ने के मूल्य में अधिकतम वृद्धि की जाए तथा पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही नए दामों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाए।
मुख्यमंत्री से मिलने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में सांसद और मंत्रियों के अलावा विधायक गुलाम मोहम्मद, प्रसन्न कुमार, डॉ. अजय कुमार, अशरफ अली, प्रदीप चौधरी गुड्डू और योगेश नौडावर भी शामिल रहे। रालोद नेताओं ने इसे प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों की भावनाओं से जुड़ा एक अहम मुद्दा बताया है।
