जनसुनवाई में दो महिलाओं को मिली राहत, डीएम की पहल से बेघर महिला को छत और ठगी की शिकार को लौटे दो लाख रुपये

Rashtriya Shikhar
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Two Women Receive Relief at Public Grievance Hearing: DM’s Initiative Provides Shelter to Homeless Woman and Returns ₹2 Lakh to Fraud Victim IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में सोमवार को कलक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में भूमि विवाद, संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने सहित विभिन्न समस्याएं सामने आईं। जिलाधिकारी ने शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान दो महिलाओं के मामलों में हुई कार्रवाई चर्चा का विषय बनी।

अंजली को चार बच्चों सहित मिला मकान, प्रशासन की कार्रवाई से मिली राहत

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जनसुनवाई में अंजली ने बताया कि वर्ष 2020 में ससुराल पक्ष ने उन्हें चार बच्चों सहित घर से बेघर कर दिया था। लंबे समय तक राहत के लिए प्रयास करने के बाद उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी समस्या रखी। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ससुराल पक्ष की ओर से उन्हें मकान उपलब्ध कराया गया। इससे अंजली और उनके बच्चों को आश्रय मिला। उन्होंने जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।

फ्लैट धोखाधड़ी मामले में पीड़िता को मिले दो लाख रुपये वापस

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इसी तरह साहिबाबाद के लाजपत नगर निवासी मान्यता सदनकूल ने 16 सितंबर को शिकायत की थी कि उन्होंने एक फ्लैट खरीदने के लिए साढ़े नौ लाख रुपये दिए थे। बाद में बैंक से सीलिंग संबंधी नोटिस मिलने पर उन्हें पता चला कि फ्लैट बेचने वाला व्यक्ति उसका वास्तविक मालिक नहीं था। शिकायत पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद मान्यता को दो लाख रुपये वापस मिल चुके हैं। शेष साढ़े सात लाख रुपये इसी माह लौटाने का आश्वासन दिया गया है।

जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी सख्त

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जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और अनावश्यक देरी न हो। गरीबों, दिव्यांगजनों, विधवा महिलाओं और अन्य पात्र जरूरतमंदों को पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा दूसरी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से दिलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि पीड़ितों को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।

जनसुनवाई में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर जिलाधिकारी नगर, जिला सूचना अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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