आर्य समाज मंदिर में यज्ञ के बाद नशे के दुष्प्रभावों पर विचार गोष्ठी, युवाओं को किया जागरूक

Rashtriya Shikhar
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After a yajna at the Arya Samaj temple, a seminar was held on the ill effects of addiction, raising awareness among youth. IMGE CREDIT TO रिपोर्टर

शामली (शिखर समाचार)। गौशाला रोड स्थित आर्य समाज मंदिर में रविवार को वैदिक परंपराओं के अनुरूप यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके बाद ‘नशा—आनंद या अभिशाप’ विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित कर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और युवा पीढ़ी को ध्यान साधना से जोड़ने पर जोर दिया।

वैदिक यज्ञ और युवाओं के लिए ध्यान साधना का महत्व

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यज्ञ में मुख्य यजमान विदुषी चौधरी रहीं, जबकि यज्ञ पुरोहित नरेंद्र सिंह आर्य ने वैदिक विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराया। विशिष्ट अतिथि आचार्य विवेक वैद्यनाथन ने कहा कि स्वस्थ होने का अर्थ स्वयं में स्थित होना है, जो ध्यान साधना के माध्यम से संभव है। उन्होंने बच्चों और युवाओं को विद्यालयों तथा खेल संस्थानों के माध्यम से ध्यान का प्रशिक्षण देने की आवश्यकता बताई।

नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान

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मुख्य वक्ता नई दिल्ली के अपोलो अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. रिमझिम गुप्ता ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि परिवार की खुशहाली, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की युवा शक्ति को भी प्रभावित करता है। युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनानी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मीरा वर्मा ने की, जबकि संचालन बाबूराम पंवार और डॉ. धीरेंद्र ब्रह्मचारी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान अधिवक्ता सत्यप्रकाश आर्य, रामपाल सिंह आर्य, डॉ. विनीत चौहान और संजीव मलिक सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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