नकली पोटाश बनाने के ठिकाने पर छापा, 90 भरे बैग बरामद

Rashtriya Shikhar
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Raid Conducted at Fake Potash Manufacturing Facility, 90 Filled Bags Recovered IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

हापुड़ (शिखर समाचार)। जिलाधिकारी के निर्देशन में जिला प्रशासन और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने बीती रात नकली उर्वरक तैयार करने के ठिकाने पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संदिग्ध पोटाश और अन्य सामग्री बरामद की। फैक्ट्रीनुमा परिसर में प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना के भारत एमओपी और इंडियन पोटाश लिमिटेड के नाम से पैक किए गए 50-50 किलो के 90 बैग मिले। इसके अलावा इसी नाम के करीब 50 नए खाली बैग भी बरामद हुए।

जांच के दौरान परिसर से सफेद क्रिस्टल पाउडर से भरे करीब 20 बैग, रंग वाले गेरू के दो बैग, मिश्रण-पीसने की मशीन, दो वजन मशीन, बोरियों की सिलाई मशीन, तीन नीले डिब्बे और चाकू सहित अन्य सामान मिला। मिश्रण मशीन और उसके नीचे पोटाश जैसा गुलाबी क्रिस्टल पाउडर पड़ा मिला। प्रथमदृष्टया आशंका है कि इसी सामग्री को इंडियन पोटाश लिमिटेड के भारत एमओपी के नाम से तैयार किए गए पैकेटों में भरा जा रहा था।

90 बैग संदिग्ध पोटाश और 50 खाली पैकेट बरामद

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परिसर में करनाल, हरियाणा की एक बीज कंपनी के पैकेटों में 20-20 किलो की गहरे भूरे रंग की दानेदार सामग्री भी मिली, जो देखने में डीएपी जैसी प्रतीत हुई। इससे आशंका जताई गई कि कथित रूप से नकली डीएपी तैयार कर उसकी आपूर्ति की तैयारी की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार अक्टूबर और नवंबर में किसानों को पोटाश और डीएपी की आवश्यकता अधिक रहती है, ऐसे में नकली उर्वरक की संभावित आपूर्ति गंभीर मामला है।

मौके से संदिग्ध एमओपी, डीएपी जैसी सामग्री और सफेद क्रिस्टल पाउडर के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जाएगा।

परिसर सील, उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कार्रवाई शुरू

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प्रशासन के अनुसार बरामद पैकेटों पर संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन भी प्रथमदृष्टया सामने आया है। नकली या मिलावटी उर्वरक के निर्माण एवं बिक्री के संबंध में उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

मौके पर मजिस्ट्रेट, नायब तहसीलदार, चौकी प्रभारी नगर कोतवाली और कृषि विभाग की टीम ने परिसर को सील कर दिया। अवैध उर्वरक कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई प्रक्रिया में है। प्रशासन ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और अधोमानक अथवा नकली उर्वरक के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई का अभियान जारी रहेगा।

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