यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, यूपी के मुख्य सचिव और केंद्र से मांगा जवाब

Rashtriya Shikhar
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Supreme Court Takes Strict Note of Yamuna Expressway Bus Fire, Seeks Response from UP Chief Secretary and Centre IMAGE CREDIT TO रिपोर्टर

जेवर (शिखर समाचार)। यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र में स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जवाब मांगा है। अदालत ने सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर बस के परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, पंजीकरण और बीमा सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी मांगी है। हादसे के बाद पुलिस जांच भी जारी है।

सुप्रीम कोर्ट ने बस की सुरक्षा व्यवस्था पर मांगा जवाब

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सुप्रीम कोर्ट ने यह भी जानना चाहा है कि दुर्घटनाग्रस्त बस में आग से बचाव के क्या इंतजाम थे और आपातकालीन निकास की व्यवस्था किस स्थिति में थी। इसके अलावा बस मालिक और चालक के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई का विवरण भी मांगा गया है। अदालत ने अधिकारियों से सार्वजनिक परिवहन से संबंधित सुरक्षा नियमों और दिशा-निर्देशों के पालन की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी लिया स्वत: संज्ञान

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इधर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी नौ यात्रियों की मौत के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से पिछले तीन वर्षों में जारी किए गए स्लीपर बसों के परमिट और उनकी सुरक्षा जांच से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी है। अदालत ने 13 अक्टूबर 2026 तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसमें परमिट जारी करने से पहले सुरक्षा मानकों की जांच, बसों में अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास की स्थिति, रात्रि एवं सीमा जांच तथा चालक-परिचालक के प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी शामिल करने को कहा गया है।

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