गौतमबुद्धनगर (शिखर समाचार)। जनपद में संचालित कारखानों, निर्माण स्थलों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों व कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कार्यदशाओं को बेहतर बनाने के लिए नई नियमावली प्रभावी कर दी गई है। केंद्र सरकार द्वारा प्रख्यापित उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता-2020 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा नियमावली-2026’ को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है। इस संबंध में उप निदेशक कारखाना (नोएडा संभाग) बी. के. सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस नियमावली का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर कामगारों को सुरक्षित व स्वस्थ माहौल उपलब्ध कराना और श्रम संबंधी व्यवस्थाओं को एकीकृत व पारदर्शी बनाना है।
कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र और 40 वर्ष की उम्र के बाद स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत अब सभी औद्योगिक प्रबंधकों और दखलकारों को अपने कर्मियों को नियमानुसार अनिवार्य रूप से नियुक्ति पत्र जारी करना होगा। इसके साथ ही 40 वर्ष की आयु पूरी कर चुके प्रत्येक कर्मचारी का प्रतिवर्ष कम से कम एक बार निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराना आवश्यक कर दिया गया है। महिला कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसके तहत उनकी लिखित सहमति और निर्धारित पुख्ता सुरक्षा व्यवस्थाओं के आधार पर ही उन्हें रात्रि पाली में काम करने की अनुमति दी जाएगी।
हादसों की रोकथाम और सुरक्षा उपकरणों की जिम्मेदारी नियोक्ताओं पर
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कार्यस्थल पर हादसों व व्यावसायिक जोखिमों की रोकथाम तथा सुरक्षा उपकरणों की मुकम्मल व्यवस्था का सीधा जिम्मा नियोक्ताओं पर तय किया गया है। नियमों की अनदेखी या उल्लंघन पाए जाने पर विधिक प्रक्रिया के तहत अनुपालन का अवसर दिया जाएगा और पात्र मामलों में अर्थदंड व शमन की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उप निदेशक ने जिले के सभी कारखानों और निर्माण स्थलों के अधिष्ठाताओं को इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
