मोदीनगर (शिखर समाचार)। बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने समय सीमा पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग की कार्रवाई में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से मुलाकात के दौरान सांसद ने कहा कि ऐसे वाहनों को सीधे सीज करने के बजाय वाहन मालिकों को पहले नोटिस देकर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन कार्रवाई के दौरान गरीब और ग्रामीण वाहन मालिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
वाहन मालिकों को नोटिस और प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिले
सांसद ने कहा कि जिन वाहनों की निर्धारित समय सीमा पूरी हो चुकी है, उनके मालिकों को वाहन निस्तारण या कबाड़ में देने सहित नियमानुसार उपलब्ध विकल्प अपनाने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक वाहन मालिकों को नियमों और संबंधित प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे में परिवहन विभाग को कार्रवाई से पहले उन्हें आवश्यक जानकारी और समय उपलब्ध कराना चाहिए।
यात्रियों को बीच रास्ते उतारने से बचने की मांग
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डॉ. सांगवान ने प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान वाहनों को जब्त किए जाने और उनमें सवार यात्रियों को बीच रास्ते उतार दिए जाने की समस्या भी परिवहन मंत्री के सामने रखी। उन्होंने कहा कि विभाग नियमों के अनुसार कार्रवाई करे, लेकिन यात्रियों को बीच रास्ते परेशानी में डालने से बचने के लिए व्यावहारिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। सांसद ने 17 दिसंबर 2025 के उच्चतम न्यायालय के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि वाहनों के खिलाफ कार्रवाई निर्धारित नियमों और न्यायालय के निर्णय के अनुरूप की जाए।
मेरठ-बागपत क्षेत्र में बंद बस सेवाएं बहाल कराने की मांग
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इसके अलावा सांसद ने मेरठ-बागपत क्षेत्र में प्रभावित बस सेवाओं को दोबारा सुचारु कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन मार्गों पर नगरीय और परिवहन बसों का संचालन पहले होता था और अब बंद है, उन्हें पुनः शुरू किया जाए। बस सेवाएं प्रभावित होने से विद्यार्थियों, कर्मचारियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन मंत्री ने सांसद द्वारा उठाए गए विषयों को सुना और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई पर चर्चा करने का आश्वासन दिया।
