बिजनौर (शिखर समाचार)। बढ़ापुर क्षेत्र के ग्राम काशीवाला के जंगलों में पिछले करीब दो सप्ताह से एक इक्कड़ हाथी ने उत्पात मचा रखा है। हाथी लगातार किसानों की गन्ने की लहलहाती फसल को पैरों तले रौंदकर भारी नुकसान पहुंचा रहा है। हाथी की लगातार आवाजाही से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर हाथी को खेतों से खदेड़ने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम काशीवाला और मौजा पुरनवाला के खेतों में पिछले 14 दिनों से हाथी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। हाथी के डर से किसान खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। मवेशियों के लिए चारा लेने जाने में भी ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि यदि हाथी की आवाजाही पर जल्द रोक नहीं लगाई गई तो कई बीघा गन्ने की फसल बर्बाद हो सकती है।
आबादी के करीब पहुंचने से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो सप्ताह पूर्व यही इक्कड़ हाथी बहेड़ी क्षेत्र में भी पहुंच गया था और वहां जमकर उत्पात मचाया था। उस दौरान हाथी आबादी के बेहद करीब पहुंचने से ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया था। अब काशीवाला क्षेत्र में लगातार उसकी मौजूदगी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों को आशंका है कि हाथी कभी भी आबादी की ओर बढ़ सकता है, जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
वन विभाग से सुरक्षित कार्रवाई की मांग
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परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी को सुरक्षित तरीके से पकड़कर या खदेड़कर घने जंगल की ओर भेजने की मांग की है। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए आरोप लगाया कि करीब दो सप्ताह बीतने के बावजूद विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
