शामली (शिखर समाचार)।
श्रावण कांवड़ यात्रा अब पूरी तरह रंगत में आ गई है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के साथ शहर की प्रमुख सड़कों पर दिन-रात भगवा वस्त्रों में कांवड़ियों का सैलाब नजर आने लगा है। शिवभक्तों के जयकारों, डीजे पर गूंजते शिव भजनों और कांवड़ सेवा शिविरों में चल रही सेवा से पूरा जनपद शिवमय नजर आ रहा है।
सावन शिवरात्रि का पर्व नजदीक आने के साथ अगले दो-तीन दिनों में पैदल कांवड़ियों की संख्या चरम पर पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। प्रमुख कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही चिकित्सा, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कांवड़ यात्रा से जुड़े लोगों के अनुसार इस समय पैदल कांवड़ियों के प्रमुख जत्थे हरिद्वार से लौट रहे हैं। आगामी दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जनपद से होकर गुजरने की संभावना है। इसके बाद डाक कांवड़ का दौर शुरू होगा। डाक कांवड़ के दौरान हाईवे और प्रमुख मार्गों पर तेज गति से दौड़ने वाले कांवड़ियों को देखते हुए पुलिस विशेष सतर्कता बरतेगी।
पहली बार कांवड़ लेकर निकली 15 वर्षीय काजल
कांवड़ मार्ग पर दिलबाग अपनी 15 वर्षीय भतीजी काजल के साथ कांवड़ लेकर जाते मिले। कक्षा नौ की छात्रा काजल पहली बार कांवड़ यात्रा पर निकली है। उसने बताया कि उसने हाईस्कूल की परीक्षा अच्छे अंकों से पास करने की मन्नत मांगी है। काजल का कहना है कि अगले वर्ष भी वह कांवड़ लेकर आएगी।
सेवा शिविरों में बढ़ी रौनक, चौबीसों घंटे मिल रही सुविधाएं
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कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ ही जिले में संचालित करीब 50 छोटे-बड़े कांवड़ सेवा शिविरों में भी रौनक बढ़ गई है। शिविरों में चौबीसों घंटे भोजन, दूध, शरबत, फल, चाय, चिकित्सा, विश्राम और स्नान सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्थानीय लोग भी बढ़-चढ़कर शिवभक्तों की सेवा में जुटे हुए हैं।
