मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)।
उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को विकास भवन में डेयरी कॉन्क्लेव एवं स्वर्ण महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के किसानों, पशुपालकों तथा डेयरी क्षेत्र से जुड़े हितधारकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य पशुपालकों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ आधुनिक डेयरी प्रबंधन और पशुपालन की नवीन तकनीकों से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव ने किया। शुभारंभ उत्तराखंड पशुपालन विभाग के सेवानिवृत्त निदेशक डॉ. प्रेम कुमार तथा जिला विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वक्ताओं ने कहा कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए राज्य सरकार नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना तथा मुख्यमंत्री पशुपालक प्रोत्साहन योजना जैसी अनेक योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका अधिक से अधिक लाभ पात्र पशुपालकों तक पहुंचाया जाना चाहिए।
पशु रोगों की रोकथाम और आधुनिक तकनीकों पर चर्चा
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने पशुओं में होने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम और समय पर टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। लीड बैंक प्रबंधक अनिल कुमार ने पशुधन ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधाओं की जानकारी दी, जबकि कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. दीपक शर्मा ने पशु उत्पादों के मूल्य संवर्धन और विपणन के आधुनिक तरीकों पर विस्तार से जानकारी साझा की।
लाभार्थियों को वितरित किए गए चयन पत्र
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मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थी प्रियांशु राठी ने सफल डेयरी संचालन के अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के पात्र लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किए गए।
इस अवसर पर डॉ. संदीप सिंह, डॉ. सुमित कौशिक, डॉ. स्नेहल, डॉ. अजय सहित अनेक अधिकारी और पशुपालक मौजूद रहे।
