आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर शिखर)। वसुंधरा योजना में आवासीय क्षेत्रों को व्यावसायिक गतिविधियों का अड्डा बनाने वालों के खिलाफ आवास विकास विभाग ने अपना ‘मिशन क्लीन’ तेज कर दिया है। निर्माण खंड-1 के अंतर्गत चल रहे इस अभियान में अधिकारियों ने भारी जनविरोध और दबाव की परवाह किए बिना नियमों का पालन सुनिश्चित किया। निखिल महेश्वरी के नेतृत्व में विभाग की टीम ने आज सेक्टर-15 और 16 में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध रूप से चल रहे व्यावसायिक परिसरों पर ताले जड़ दिए।
अभियान के मुख्य बिंदु
आवास विकास की टीम ने दृढ़ता दिखाते हुए सीलिंग की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया। इस दौरान कोचिंग सेंटर और प्ले स्कूल जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया।
कुल सील किए गए परिसर: 07
क्षेत्र: सेक्टर-15 और सेक्टर-16
सीलबंद संपत्तियों की सूची: 15/249, 15/702, 15/703, 16B/333, 16B/160, 16B/40 तथा 16B/41।
सभी सील किए गए परिसरों को स्थानीय पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है, ताकि सील के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो सके।
एक सप्ताह में 19 परिसरों पर कार्रवाई
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आवास विकास विभाग की यह सक्रियता स्पष्ट करती है कि आवासीय क्षेत्रों की गरिमा और मास्टर प्लान का उल्लंघन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पिछले एक सप्ताह के भीतर विभाग द्वारा कुल 19 परिसरों को सील कर एक कड़ा संदेश दिया गया है। पुलिस बल की उपलब्धता के आधार पर यह अभियान आने वाले दिनों में भी अनवरत जारी रहेगा।
अधिकारियों की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम
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आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के कारण क्षेत्रवासियों को होने वाली असुविधा और यातायात की समस्याओं को देखते हुए, आवास विकास के अधिकारियों का यह कदम अत्यंत सराहनीय है। भारी विरोध के बावजूद निखिल महेश्वरी और उनकी टीम ने जिस तरह कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी, वह विभाग की कार्यकुशलता और ईमानदारी को दर्शाता है।
आवासीय क्षेत्रों में नियम विरुद्ध हो रहे निर्माण और व्यावसायिक उपयोग पर लगाम कसने के इस साहसी प्रयास का क्षेत्र के निवासी भी समर्थन कर रहे हैं। विभाग की यह कार्रवाई न केवल अवैध कब्जों पर लगाम लगाएगी, बल्कि वसुंधरा की आवासीय योजना को उसकी मूल व्यवस्था में वापस लाने में भी मील का पत्थर साबित होगी।
