आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शहर में सील किए गए विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, प्ले-स्कूल एवं डे-केयर केंद्रों को बड़ी राहत दी है। बुधवार, 8 जुलाई को प्राधिकरण सचिव विवेक कुमार मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए सील किए गए परिसरों को अस्थायी रूप से डी-सील करने का निर्णय लिया गया।
सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
बैठक में प्राधिकरण के प्रवर्तन अधिकारी, मुख्य अभियंता और मुख्य अग्निशमन अधिकारी मौजूद रहे। अग्निशमन अधिकारी ने संचालकों को अग्नि सुरक्षा के कड़े नियमों, फायर एनओसी लेने की प्रक्रिया और आवश्यक उपकरणों के रखरखाव के बारे में विस्तार से समझाया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन किसी भी हाल में अनिवार्य है।
शपथ-पत्र देने पर मिलेगी अनुमति
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प्राधिकरण ने संस्थानों को राहत के तौर पर दो महीने की मोहलत दी है। इस अवधि का लाभ उठाने के लिए संचालकों को प्राधिकरण में एक शपथ-पत्र जमा करना होगा। इसमें यह स्पष्ट रूप से अंकित करना होगा कि वे दो महीने के भीतर:
° ‘उत्तर प्रदेश मॉडल भवन उपविधि, 2025’ के अनुसार अपने भवन का मानचित्र स्वीकृत कराएंगे।
° अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करेंगे।
दो महीने बाद होगी सख्त कार्रवाई
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अधिकारियों ने चेताया है कि यदि निर्धारित दो महीने की अवधि में कोई संस्थान नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसे अपना संचालन पूरी तरह बंद करना होगा या किसी वैध परिसर में शिफ्ट होना होगा। शपथ-पत्र प्राप्त होने के बाद ही सील किए गए परिसरों को अस्थायी रूप से खोला जाएगा। यदि समय सीमा खत्म होने पर भी मानक पूरे नहीं हुए, तो प्राधिकरण दोबारा सख्त प्रवर्तन कार्रवाई अमल में लाएगा।
