ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने और छात्र हितों को बढ़ावा देने की दिशा में बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। वाराणसी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं उनके आश्रितों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की शुरुआत की।
इसके साथ ही परिषदीय विद्यालयों के करीब 1.10 करोड़ छात्र-छात्राओं के खातों में यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी के लिए प्रति छात्र-छात्रा 1200 रुपये की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की गई। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ समझौता भी किया गया। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया।
आईआईएमटी कॉलेज में हुआ जिला स्तरीय समारोह, राज्य मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप रहे मुख्य अतिथि
इसी क्रम में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से ग्रेटर नोएडा स्थित आईआईएमटी कॉलेज में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ एवं डीबीटी वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समारोह की शुरुआत वाराणसी से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के साथ हुई, जिसे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने देखा।
राज्य मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि जनपद गौतमबुद्धनगर के 4,426 शिक्षकों और उनके परिवारों को इस योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सुरक्षित शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूत नींव होते हैं। डीबीटी के माध्यम से छात्रों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर सरकार शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित कर रही है।
58,510 विद्यार्थियों के खातों में भेजी गई डीबीटी राशि, शिक्षकों को वितरित हुए स्वास्थ्य कार्ड
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जिलाधिकारी मेघा रूपम ने कहा कि यह योजना जनपद के हजारों शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत जनपद के 3,089 बेसिक शिक्षक, 634 शिक्षामित्र, 38 अंशकालिक अनुदेशक, 23 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के शिक्षक, 15 विशेष शिक्षक तथा 627 माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक एवं उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि जनपद के 58,510 छात्र-छात्राओं के खातों में यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी के लिए प्रति छात्र-छात्रा 1200 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षकों का स्वास्थ्य सुरक्षित होने से शिक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने इस जनकल्याणकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
शैक्षिक स्टॉलों का किया निरीक्षण, शिक्षण नवाचारों की हुई सराहना
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कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के कार्ड वितरित किए और योजना की विशेषताओं की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने शिक्षा विभाग की ओर से लगाए गए शैक्षिक स्टॉलों का निरीक्षण किया।
उन्होंने शिक्षकों द्वारा तैयार शिक्षण-अधिगम सामग्री, नवाचार आधारित मॉडल और गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के साथ शिक्षा को अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बनाते हैं।
समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, सदस्य विधान परिषद श्रीचंद शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, जिला उपाध्यक्ष पवन रावल, जनप्रतिनिधि दीपक भारद्वाज, मनवीर नागर, उमेश भाटी एवं ओमकार भाटी, जिलाधिकारी मेघा रूपम, मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
इसके अलावा जनपद के अन्य स्थानों पर भी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ एवं डीबीटी वितरण समारोह आयोजित किए गए। दादरी में विधायक तेजपाल नागर एवं नगर पालिका अध्यक्ष गीता पंडित की उपस्थिति में मिहिर भोज बालिका इंटर कॉलेज में कार्यक्रम हुआ। वहीं तहसील जेवर के प्रज्ञान स्कूल और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, दनकौर में भी समारोह आयोजित किए गए।
