——198 फ्लैटों वाले प्रोजेक्ट को पीपीपी मॉडल या जीडीए खुद करेगा पूरा, जनता की राय के आधार पर होगा अंतिम फैसला
आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मधुबन बापूधाम योजना में नए निर्माणाधीन कार्यालय के सामने स्थित अधूरी (अनफिनिश्ड) ग्रुप हाउसिंग परियोजना के भविष्य को लेकर बड़ा कदम उठाया है। जीडीए ने इस परियोजना के विकास और विपणन (मार्केटिंग) के संबंध में आम नागरिकों की मांग और प्राथमिकताओं को जानने के लिए एक ‘डिमांड सर्वे’ शुरू किया है।
इस ग्रुप हाउसिंग परियोजना के तहत कुल 198 आवासीय फ्लैट प्रस्तावित हैं, जिनका क्षेत्रफल 126 वर्गमीटर और 131 वर्गमीटर है। वर्तमान में यह प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है। प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य इस परियोजना को पूरा कराकर जनता की आवश्यकताओं और बाजार की मांग के अनुसार उपलब्ध कराना है, जिसके लिए नागरिकों से उनकी राय मांगी जा रही है।
सर्वे के आधार पर तय होगी कार्ययोजना
इस डिमांड सर्वे के जरिए इच्छुक नागरिकों से फ्लैटों के संबंध में उनकी रुचि, प्राथमिकताओं और संभावित मांग की जानकारी जुटाई जा रही है। सर्वे में शामिल होकर लोग विभिन्न विकल्पों और संभावित मूल्य श्रेणियों (प्राइस रेंज) पर भी अपने सुझाव दर्ज करा सकते हैं। सर्वे से मिलने वाले जनमत और मांग के विश्लेषण के आधार पर ही इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की अंतिम कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
पीपीपी मॉडल या खुद निर्माण करने पर होगा विचार
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जनता से मिलने वाले रिस्पॉन्स के बाद यह तय किया जाएगा कि इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के जरिए पूरा कराया जाए या फिर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण खुद अपने स्तर पर निर्माण कार्य पूरा करके इसे बिक्री के लिए उपलब्ध कराए। जीडीए की इस पहल का मकसद प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता सुनिश्चित करना और लोगों को उनकी वास्तविक जरूरत के हिसाब से गुणवत्तापूर्ण आवास देना है।
जीडीए की अपील: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस डिमांड सर्वे में भाग लें और अपनी प्राथमिकताएं दर्ज कराएं, ताकि परियोजना का विकास वास्तविक जन अपेक्षाओं के अनुरूप किया जा सके।
डिमांड सर्वे में भाग लेने के लिए लिंक: https://gdaghaziabad.in/demand_survey/index_without_field.php
