आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
हाल ही में विभिन्न स्थानों पर हुए भीषण अग्निकांडों से सबक लेते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने जनसुरक्षा के प्रति सख्त रुख अपना लिया है। जीडीए ने शहर के विभिन्न जोनों में एक बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाते हुए 67 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया है। ये वे संस्थान हैं जो बिना नक्शा पास कराए चल रहे थे या जहां आग बुझाने (फायर सेफ्टी) के पुख्ता इंतजाम नहीं थे।
इनमें मुख्य रूप से बच्चों के प्ले-स्कूल, कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और फिटनेस सेंटर शामिल हैं।
छात्रों की जान से हो रहा था खिलवाड़
जीडीए की टीमों ने शहर भर में औचक निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि शिक्षा और फिटनेस के नाम पर चल रहे कई प्रतिष्ठानों में बिल्डिंग बायलॉज और सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। इन इमारतों में न तो स्वीकृत नक्शे के अनुसार निर्माण हुआ था और न ही आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फायर एनओसी ली गई थी।
छात्रों और आम जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्राधिकरण ने तुरंत सख्त कार्रवाई की और नियमों का उल्लंघन करने वाले 67 परिसरों पर ताला जड़ दिया।
किस जोन में कितने परिसरों पर हुई कार्रवाई?
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जीडीए ने शहर के सभी सातों जोनों में सघन चेकिंग कर यह जब्ती और सीलिंग की कार्रवाई की है। सील किए गए परिसरों का जोनवार आंकड़ा इस प्रकार है:
जोन-1 : 10 परिसर
जोन-2 : 10 परिसर
जोन-3 : 06 परिसर
जोन-4 : 15 परिसर (सबसे अधिक)
जोन-5 : 05 परिसर
जोन-6 : 11 परिसर
जोन-7 : 10 परिसर
आगे भी जारी रहेगा अभियान, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
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जीडीए उपाध्यक्ष ने इस कार्रवाई पर कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी भवन का उपयोग केवल स्वीकृत नक्शे और निर्धारित भूमि उपयोग के आधार पर ही किया जा सकता है। छात्रों और आम जनमानस की सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसे अवैध संस्थानों के खिलाफ आगे भी चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई होगी।

जीडीए की आम जनता से अपील:
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प्राधिकरण ने अभिभावकों और आम नागरिकों से यह खास अपील की है कि वे अपने बच्चों का किसी भी प्ले-स्कूल, कोचिंग सेंटर या संस्थान में प्रवेश कराने से पहले वहां की फायर एनओसी, सुरक्षा व्यवस्था और बिल्डिंग की वैधानिक स्वीकृतियों की जांच अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
