ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शारदा विश्वविद्यालय में बुधवार को जागरूकता संगोष्ठी और रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मेडिकल, दंत चिकित्सा एवं मनोरोग विभाग के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी के निर्देश पर जनपद में 17 से 26 जून तक विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
अधिकारियों ने बताया नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य
डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार मादक पदार्थों के सेवन को कम करने और उनकी अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नशा मुक्त भारत अभियान के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर जागरूक बनाया जा रहा है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार ने कहा कि जनपद के शिक्षण संस्थानों में अभियान का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से युवाओं को नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक हानियों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
रैली, जागरूकता संदेश और तंबाकू दुकानों पर कार्रवाई
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उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंदन सोनी ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य दोनों को प्रभावित करता है। वहीं डॉ. श्वेता खुराना ने बताया कि इस वर्ष अभियान की थीम “नशा मुक्त भारत अभियान, विकसित भारत की पहचान” रखी गई है।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक वातावरण और नियमित जागरूकता गतिविधियां युवाओं को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। अभियान के तहत जनपद के अनेक विद्यालयों और महाविद्यालयों के आसपास तंबाकू एवं मादक पदार्थों की दुकानों को हटाने की कार्रवाई भी की गई है। संगोष्ठी के बाद 200 से अधिक विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकालकर समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।
