आरव शर्मा
गाजियाबाद/मोदीनगर (शिखर समाचार)। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करते हुए मंगलवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। उपाध्यक्ष के कड़े निर्देशों के बाद प्रवर्तन दस्ते ने मोदीनगर के फफराना क्षेत्र में लगभग 26 बीघा (26,000 वर्ग मीटर) जमीन पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान कॉलोनाइजर्स ने टीम का भारी विरोध किया, लेकिन पुलिस बल के आगे उनकी एक न चली।
तीन अलग अलग हिस्सों में चल रहा था निर्माण
जीडीए प्रवर्तन जोन 2 के प्रभारी के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई में तीन मुख्य स्थलों को निशाना बनाया गया:
फफराना खसरा संख्या 379 व 380: यहाँ रिछपाल सिंह और रनवीर सिंह द्वारा लगभग 8000 वर्ग मीटर में अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी।
फफराना खसरा संख्या 354: यहाँ रविकरण और राजेन्द्र द्वारा लगभग 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में अवैध निर्माण किया जा रहा था।
श्यामसिटी एक्सटेंशन: रनवीर सिंह और दिनेश चचरा द्वारा फफराना रोड पर पूर्व स्वीकृत ‘श्यामसिटी’ कॉलोनी के नाम पर करीब 8000 वर्ग मीटर में अवैध विस्तार किया जा रहा था।
मौके पर नहीं मिले स्वीकृत दस्तावेज
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प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इन कॉलोनियों के संबंध में न तो कोई मानचित्र स्वीकृत कराया गया था और न ही ले आउट प्लान पेश किया गया। टीम ने जब कागजात मांगे, तो कॉलोनाइजर कोई भी वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद टीम ने मौके पर बनाई गई सड़कों, बाउंड्रीवॉल और साइट ऑफिस को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।
विरोध के बावजूद जारी रही कार्रवाई
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ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान कॉलोनाइजर्स और उनके समर्थकों ने भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। काम रोकने की कोशिश की गई, लेकिन प्राधिकरण के पुलिस बल और प्रवर्तन दस्ते ने सख्ती बरतते हुए अवैध निर्माण को मलबे में तब्दील कर दिया।
इनकी रही मौजूदगी
इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता, अवर अभियंता, प्रवर्तन जोन 2 का समस्त स्टाफ और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। जीडीए ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
नोट: प्राधिकरण ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में भूखंड खरीदने से पहले जीडीए कार्यालय से उसके स्वीकृत होने की जांच अवश्य कर लें।
