खतौली/मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)
सीबीएसई हाईस्कूल अंग्रेजी परीक्षा तीन घंटे विलंब से शुरू
कस्बे के एक परीक्षा केंद्र पर शनिवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल अंग्रेजी विषय की परीक्षा लगभग तीन घंटे विलंब से प्रारंभ हुई, जिससे परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त हो गया। निर्धारित समय पर परीक्षा आरंभ न होने के कारण छात्र-छात्राएं केंद्र परिसर में प्रतीक्षा करते रहे। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में पहुंचे अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए हंगामा किया और व्यवस्थाओं पर प्रश्न उठाए।
प्रश्नपत्र उपलब्ध न होने से बढ़ी परेशानी
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प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बे के मॉडर्न पब्लिक स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इस केंद्र पर चार विद्यालयों के कुल 332 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे थे। सभी छात्र निर्धारित समय से पहले ही केंद्र पर उपस्थित हो गए थे, किंतु प्रश्नपत्र उपलब्ध न होने के कारण परीक्षा समय पर प्रारंभ नहीं हो सकी। समय बीतने के साथ छात्रों की चिंता बढ़ती गई और अभिभावकों में भी असंतोष दिखाई दिया।
विद्यालय प्रबंधन से जुड़े कुलदीप त्यागी ने बताया that सुरक्षा की दृष्टि से प्रश्नपत्र स्थानीय केनरा बैंक के सुरक्षित कोषागार (लॉकर) में रखे जाते हैं। परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व निर्धारित समय पर अधिकृत दल प्रश्नपत्र लेने बैंक पहुंचता है। शनिवार को भी दल प्रातः साढ़े नौ बजे बैंक पहुंचा, किंतु कोषागार में आई तकनीकी खराबी के कारण ताला नहीं खुल सका। इस कारण प्रश्नपत्र प्राप्त नहीं हो पाए और परीक्षा आरंभ करने में बाधा उत्पन्न हुई।
ईमेल से भेजे गए प्रश्नपत्र, दोपहर में परीक्षा शुरू
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प्रश्नपत्र न मिलने की सूचना तत्काल बोर्ड के संबंधित अधिकारियों को दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बोर्ड द्वारा नवीनतम प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र की आधिकारिक ईमेल पते पर प्रेषित किया गया। इसके बाद प्रश्नपत्र की प्रतियां तैयार कराने, सत्यापन एवं अन्य औपचारिकताएं पूर्ण करने में लगभग तीन घंटे का समय लग गया। अंततः परीक्षा दोपहर लगभग एक बजे प्रारंभ कराई गई।
परीक्षा में हुई देरी से विद्यार्थियों को मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। अभिभावकों ने मांग की कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए प्रश्नपत्र वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाए, ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
