गाजियाबाद में अब एक ही छत के नीचे मिलेगा घर और रोजगार, जीडीए ने लागू की ‘मिक्स्ड लैंड यूज’ पॉलिसी

Rashtriya Shikhar
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In Ghaziabad, Housing and Employment Now Under One Roof as Ghaziabad Development Authority Implements ‘Mixed Land Use’ Policy IMAGE CREDIT TO AUTHORITY

आरव शर्मा
गाज़ियाबाद (शिखर समाचार) |

शहर के नियोजित विकास और बढ़ती आबादी की जरूरतों को देखते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मिश्रित भू उपयोग (मिक्स लैंड यूज) की नीति को प्रभावी ढंग से लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब एक ही भूखंड या भवन में आवासीय, व्यावसायिक और कार्यालय जैसी सुविधाएं एक साथ विकसित की जा सकेंगी। प्राधिकरण का मानना है कि इस कदम से न केवल शहरी जीवन सुगम होगा, बल्कि सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

क्यों पड़ी मिश्रित उपयोग की जरूरत

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वर्तमान में सीमित भूमि संसाधनों और बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए मिक्स्ड लैंड यूज एक व्यावहारिक समाधान है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके घर के पास ही रोजगार, खरीदारी और मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराना है। इससे अनावश्यक आवागमन कम होगा, जिससे ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी आएगी।

मधुबन बापूधाम में निवेश का सुनहरा मौका

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जीडीए ने अपनी मधुबन आवासीय योजना के पॉकेट ए और बी में विशेष रूप से मिश्रित उपयोग के भूखंड नियोजित किए हैं। आवेदन की तिथि: 25 फरवरी 2026 से 13 मार्च 2026 तक। आवंटन प्रक्रिया: प्राप्त आवेदनों का निस्तारण 18 मार्च 2026 को नीलामी के माध्यम से किया जाएगा।

कहां कहां अनुमन्य होगा मिश्रित उपयोग?

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प्राधिकरण ने इस नीति के तहत स्थानों का स्पष्ट निर्धारण किया है। महायोजना 2031 के अंतर्गत चिह्नित क्षेत्र। प्राधिकरण की योजनाओं (जैसे मधुबन बापूधाम) में विशेष रूप से चिह्नित प्लॉट। 18 मीटर से कम चौड़ी अधिसूचित बाजार स्ट्रीट (प्रतिबंधों के साथ)। 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर स्थित भूखंड। टीओडी जोन्स के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र।

विकास के नए मानक और नियम

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मिश्रित उपयोग के तहत निर्माण के लिए प्राधिकरण ने कुछ कड़े लेकिन लचीले मानक तय किए हैं: उपयोग का अनुपात: मुख्य उपयोग (जैसे आवासीय) 33% से अधिक होना चाहिए, जबकि सहायक उपयोग (वाणिज्यिक/ऑफिस) 66% से कम होना चाहिए। शर्त यह है कि सहायक उपयोग का क्षेत्रफल मुख्य उपयोग से ज्यादा न हो। क्षेत्रफल व ऊंचाई: भूखंड के न्यूनतम क्षेत्रफल और भवन की ऊंचाई पर कोई प्रतिबंध नहीं रखा गया है। पार्किंग व सैट-बैक: पार्किंग की व्यवस्था मिक्स्ड उपयोग के प्रतिशत के आधार पर होगी, जबकि सैट बैक के नियम उच्चतम उपयोग के अनुसार लागू होंगे। एफएआर की सुविधा: खाली भूखंडों पर 2.50 बेस एफएआर के साथ साथ सड़क की चौड़ाई के अनुसार क्रय योग्य (परचेजेबल) एफएआर का लाभ भी मिल सकेगा। प्राधिकरण के अनुसार यह नीति न केवल आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी बल्कि गाजियाबाद को एक आधुनिक और गतिशील शहर के रूप में स्थापित करेगी। विकास अनुज्ञा के लिए महायोजना 2031 और संशोधित भवन उपविधि के अन्य मानक भी प्रभावी रहेंगे।

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