मेरठ (शिखर समाचार)। फाल्गुन महाशिवरात्रि को देखते हुए मेरठ मंडल के मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और मेरठ परिक्षेत्र के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने शुक्रवार को बागपत जनपद के थाना बालैनी क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक पुरा महादेव मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर तक आने-जाने वाले मार्गों पर पैदल गश्त कर जलाभिषेक और मेले की व्यवस्थाओं को परखा तथा यातायात व्यवस्था और प्रस्तावित ट्रैफिक डायवर्जन का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मार्गों और ट्रैफिक व्यवस्था का लिया जायजा
अधिकारियों ने मंदिर के प्रवेश और निकास द्वारों पर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे जलाभिषेक के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और कांवड़ का जल चढ़ाने के लिए पर्याप्त प्रबंध उपलब्ध रहें। मेला क्षेत्र के बाहर ही पार्किंग स्थल चिन्हित कर वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग कराने और ट्रैफिक डायवर्जन की स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर उसका प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश भी दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था होगी चाक-चौबंद
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मंदिर परिसर और गर्भगृह में व्यवहारकुशल, मृदुभाषी, सक्रिय महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने तथा समय-समय पर उनकी अदला-बदली करने को कहा गया। पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाकर कंट्रोल रूम से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही वॉच टावर, ड्रोन और आईपी बेस्ड कैमरों से संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखने की व्यवस्था की जा रही है।
संवेदनशील स्थलों पर विशेष नजर
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अधिकारियों ने मेला क्षेत्र और सभी कांवड़ मार्गों के संवेदनशील व अतिसंवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां बैरियर लगाकर व्यापक पुलिस प्रबंध करने के निर्देश दिए। स्नैचिंग, छेड़छाड़ और मारपीट जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए एंटी रोमियो और गुंडा दमन दल को पुलिस बल के साथ तैनात करने तथा एलआईयू और एएस चेक टीम को सक्रिय रखने को कहा गया।
भीड़ नियंत्रण और आपात प्रबंध पर जोर
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इसके अलावा मंदिर परिसर और गर्भगृह में एक्सेस कंट्रोल पर विशेष ध्यान देने, मेला क्षेत्र में फायर टेंडरों की तैनाती करने, भीड़ नियंत्रण के लिए सुनियोजित होल्डिंग एरिया चिन्हित करने और सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि गैर परंपरागत रास्तों या अस्थायी निर्माण का उपयोग नहीं किया जाएगा और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मेरठ की ओर आने-जाने वाले मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाएगी।
