बिसरख के डूब क्षेत्र में गरजा प्राधिकरण का बुल्डोजर, 60 करोड़ की 30 हजार वर्ग मीटर जमीन मुक्त

Rashtriya Shikhar
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Authority’s bulldozer roared in the floodplain area of Bisrakh; 30,000 square meters of land worth ₹60 crore freed. IMAGE CREDIT TO AUTHORITY

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) |
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ अपना कड़ा रुख बरकरार रखा है। शुक्रवार को बिसरख के डूब क्षेत्र में भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे प्राधिकरण के दस्ते ने अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 30,000 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करोड़ों में बताई जा रही है।

कॉलोनाइजरों के मंसूबों पर फिरा पानी

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परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-3 को सूचना मिली थी कि ग्राम बिसरख के खसरा संख्या-135 की जमीन पर कुछ भू-माफिया अवैध रूप से कॉलोनी बसाने की फिराक में हैं। यहां बाउंड्री वॉल खड़ी कर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम ने दो जेसीबी और तीन डंपर के साथ धावा बोला और देखते ही देखते अवैध निर्माणों को मलबे में तब्दील कर दिया।

अधिकारियों की सख्त चेतावनी

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प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जे की कोशिश करने वालों को कतई बख्शा न जाए। उन्होंने परियोजना विभाग को निरंतर निगरानी और कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
अभियान का नेतृत्व कर रहे एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह अवैध है। प्राधिकरण का यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक अतिक्रमण पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। अगर दोबारा कब्जा करने की कोशिश की गई, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जनता के लिए जरूरी सलाह

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प्राधिकरण ने एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को सस्ते प्लॉट के लालच में न फंसाएं।
जांच जरूरी: ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर उसकी स्थिति जरूर जांच लें।
धोखाधड़ी से बचें: कॉलोनाइजर अक्सर डूब क्षेत्र की विवादित जमीन को भोले-भाले लोगों को बेच देते हैं, जिस पर बाद में बुल्डोजर चलना तय होता है।

कार्रवाई दल में ये रहे शामिल

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परियोजना विभाग के महाप्रबंधक एके सिंह के मार्गदर्शन में चली इस कार्रवाई में वर्क सर्किल-3 के प्रबंधक रोहित गुप्ता, सहायक प्रबंधक राजीव कुमार और प्राधिकरण का पुलिस बल शामिल रहा। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में काफी देर तक हड़कंप की स्थिति बनी रही।

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