आरव शर्मा
गाजियाबाद(शिखर समाचार)| आवास एवं विकास परिषद की सिद्धार्थ विहार योजना में सरकारी जमीन को धार्मिक रंग देकर कब्जाने के एक बड़े प्रयास को विभाग ने विफल कर दिया है। सेक्टर-5 स्थित लगभग 200 वर्ग मीटर के बेशकीमती प्लॉट पर रात के अंधेरे में किए गए अवैध निर्माण को परिषद की टीम ने शुक्रवार सुबह भारी विरोध के बीच ध्वस्त कर दिया।
रात के अंधेरे में रची गई साजिश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थ विहार के सेक्टर-5 में स्थित एक रिक्त भूखंड, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आकलित की गई है, पर विगत रात्रि कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने कब्जा करने की नियत से धावा बोला। भू-माफियाओं ने सोची-समझी रणनीति के तहत रातों-रात वहां एक चबूतरे का निर्माण कर दिया। कब्जे को पुख्ता करने और स्थानीय भावनाओं को ढाल बनाने के लिए उक्त चबूतरे पर धार्मिक झंडे और चिन्ह भी स्थापित कर दिए गए थे, ताकि इसे धार्मिक स्थल का रूप देकर प्रशासन को कार्रवाई से रोका जा सके।
निर्माण खंड-2 की त्वरित कार्रवाई
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शुक्रवार प्रातः जैसे ही निर्माण खंड-2 की टीम को इस अवैध कब्जे की सूचना मिली, विभाग तुरंत एक्शन मोड में आ गया। परिषद के अधिकारियों ने बिना समय गंवाए पुलिस बल के साथ मौके पर धावा बोल दिया। हालांकि, शरारती तत्वों ने धार्मिक भावनाओं की आड़ लेकर टीम को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली।
बुलडोजर से ढहाया अवैध ढांचा
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टीम ने मौके पर पहुंचते ही अवैध रूप से निर्मित चबूतरे को ध्वस्त कर दिया और वहां से धार्मिक प्रतीकों को ससम्मान हटाकर जमीन को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया। परिषद की इस त्वरित कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस साजिश के पीछे शामिल अज्ञात लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
