नगीना/बिजनौर (शिखर समाचार) संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के अधीन सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र, नई दिल्ली द्वारा प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में विद्यालयों की भूमिका विषय पर आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला में बिजनौर जनपद की शिक्षिकाओं ने प्रभावशाली भागीदारी दर्ज कराकर क्षेत्र का मान बढ़ाया। दस दिवसीय यह प्रशिक्षण आयोजन 2 फरवरी से 11 फरवरी तक केंद्र मुख्यालय नई दिल्ली में संपन्न हुआ जिसमें देशभर से चयनित शिक्षक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
जब विद्यालय बनें विरासत के प्रहरी: शिक्षा से जागे संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण की नई चेतना
कार्यशाला में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए लगभग 53 कार्यरत शिक्षकों ने विद्यालयों के माध्यम से विरासत संरक्षण, स्थानीय परंपराओं के संवर्धन, पर्यावरण जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उपायों पर गहन विचार विमर्श किया। सहभागियों ने अपने अपने विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों, प्रायोगिक गतिविधियों और छात्र सहभागिता के मॉडल प्रस्तुत किए, जिन्हें विशेषज्ञों ने सराहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्र के अध्यक्ष विनोद नारायण इंदुरकर, प्रशिक्षण अनुभाग के उपनिदेशक संदीप शर्मा तथा कार्यशाला अनुभाग के उपनिदेशक आशुतोष द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना के संवाहक भी हैं। यदि विद्यालय स्तर से ही बच्चों को अपनी विरासत के प्रति संवेदनशील बनाया जाए तो संरक्षण का कार्य स्वाभाविक रूप से मजबूत होगा।
समापन अवसर पर कार्यशाला अनुभाग के उपनिदेशक आशुतोष, कार्यक्रम समन्वयक शजुलैशा सिद्धार्थ और देवाराम मेघवाल ने सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में आशुतोष ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की मूल धुरी हैं और उनके माध्यम से ही जागरूक, जिम्मेदार और सांस्कृतिक रूप से सजग नागरिक तैयार होते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण में सीखी बातों को विद्यालय स्तर पर व्यवहार में लाएं।
राष्ट्रीय मंच पर बिजनौर की गूंज: शिक्षिकाओं की सक्रिय भागीदारी से बढ़ा जनपद का मान
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कोतवाली विकास खंड बिजनौर से सम्मिलित कंपोजिट विद्यालय मलकपुर अब्दुल्ला की शिक्षिका कमलनी अग्रवाल और कंपोजिट विद्यालय राजोपुर सादात की शिक्षिका प्रेमलता सहित अंजलि राणा, कंचन और प्रतिभा ने कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपनी दक्षता का परिचय दिया। समूह प्रस्तुतियों, विचार साझा सत्रों और व्यवहारिक अभ्यासों में उनके सुझावों और कार्य योजनाओं को विशेष सराहना मिली। उनकी सक्रिय भूमिका से जनपद बिजनौर और कोतवाली विकास खंड का नाम राष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता से उभरा।
इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ कोतवाली विकास खंड के अध्यक्ष यशपाल सिंह, गर्वित चौधरी, परवेज आदिल माही, कामिनी दिवाकर, गजाला रूही, संकुल प्रभारी नगर नगीना मनीष राणा, दिलशाद जहां, राजपाल सिंह, उदयराज सिंह, सचिन और विवेक कुमार सहित अनेक शिक्षकों और शिक्षा प्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागी शिक्षिकाओं को शुभकामनाएं दीं और इसे जनपद के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
