हापुड़ (शिखर समाचार) जनपद के औद्योगिक विकास और स्थानीय युवाओं के रोजगार को लेकर 82 गांवों को आईटी क्षेत्र की श्रेणी से हटाकर औद्योगिक क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग तेज हो गई है। हापुड़ गाजियाबाद संसदीय क्षेत्र का चार बार प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व सांसद और लोकसभा आवास समिति के पूर्व सभापति रमेश चंद तोमर ने इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मांगा है।
दो दशक बाद भी अधिग्रहण रुका: औद्योगिक विकास पर ग्रहण, जनता में रोष
रेलवे रोड स्थित सिटी प्लाजा में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान रमेश चंद तोमर ने बताया कि वर्ष 2006 में ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने धौलाना विधानसभा क्षेत्र के 70 और हापुड़ विधानसभा क्षेत्र के 12 गांवों को अधिग्रहण सूची में शामिल किया था, लेकिन दो दशक बीत जाने के बाद भी अधिग्रहण की वास्तविक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। उनका कहना है कि स्थिति स्पष्ट न होने से क्षेत्र का औद्योगिक विकास पूरी तरह ठप पड़ा है।
उन्होंने कहा कि धौलाना क्षेत्र में कोई भी उद्योग स्थापित करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है, परंतु बीते लगभग 20 वर्षों में विकास प्राधिकरण ने एक भी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया। इसके चलते निवेशक आगे नहीं आ रहे और उद्योग लगाने की योजनाएं कागजों तक सीमित हैं। यदि उद्योग लगते तो स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते थे।
महायोजना 2041 में IT क्षेत्र घोषित: गांवों के औद्योगिक और रोजगार विकल्पों पर बड़ा संकट
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रमेश चंद तोमर ने यह भी कहा कि महायोजना 2041 में इन 82 गांवों को आईटी क्षेत्र के रूप में दर्ज कर दिया गया है। इस वर्गीकरण के कारण पारंपरिक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना संभव नहीं रह जाती, जिससे किसानों और युवाओं दोनों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण विषय पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने अपेक्षित पहल नहीं की।
पूर्व सांसद ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि हापुड़ और धौलाना क्षेत्र के इन सभी 82 गांवों की श्रेणी बदलकर औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया जाए, ताकि उद्योग स्थापना का रास्ता साफ हो सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से समय भी मांगा है और समय मिलते ही लखनऊ पहुंचकर पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे। पत्रकार वार्ता में सुरेश तोमर और चमन सिंह तोमर सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
