गढ़मुक्तेश्वर (शिखर समाचार)
गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र स्थित प्राचीन पुष्पावती पूठ गंगा मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का विधिवत पूर्णाहुति यज्ञ के साथ समापन कर दिया गया। पूरे सप्ताह चले इस आध्यात्मिक आयोजन में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भक्ति और धर्ममय वातावरण का अनुभव किया। अंतिम दिन वैदिक रीति-विधानों के अनुसार यज्ञ संपन्न कराया गया, जिसमें मंत्रोच्चार और आहुतियों के बीच क्षेत्र की सुख शांति और कल्याण की कामना की गई।
यज्ञ: सिर्फ रिवाज नहीं, समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
आचार्य पंडित विनोद शास्त्री ने यज्ञ की महत्ता बताते हुए कहा कि वैदिक अनुष्ठान केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि लोककल्याण का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे जनजीवन पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से धार्मिक कर्म और यज्ञ जैसे सत्कर्मों से जुड़े रहें।
कथा व्यास पंडित राम कृष्ण दास महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि भागवत कथा मनुष्य को सत्य, सेवा और संयम का मार्ग दिखाती है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं की उपस्थिति और सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि जब नई पीढ़ी धर्म और नैतिक मूल्यों को अपनाती है तो समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत बनते हैं। कथा के दौरान युवाओं ने सद्मार्ग पर चलने और समाजहित में कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
समापन पर विशाल प्रसाद वितरण: अन्नदान से बँधा पुण्य का संदेश
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समापन अवसर पर विशाल प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी शुभ अनुष्ठान के बाद अन्नदान और यज्ञ करना पुण्यदायी माना गया है और इससे लोक तथा परलोक दोनों का कल्याण होता है।
कार्यक्रम में मुख्य यजमान संजीव शर्मा, गुड़िया शर्मा, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता सुधीर चौहान, सुरेश सैनी, राधेश्याम केवट, हरिश्चंद्र राणा, अंकित सैनी, ओमा नेताजी, रामपाल सैनी, मंदिर महंत बाबा नरसिंहानंद, संजू शर्मा, पूर्व प्रधान आदेश शर्मा, राजू वाल्मीकि, विक्रम केवट, सुभाष केवट सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
