आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)|
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। उपाध्यक्ष के कड़े निर्देशों के अनुपालन में, शनिवार को प्रवर्तन जोन-02 की टीम ने मुरादनगर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 33 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही तीन अवैध कॉलोनियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों और प्रॉपर्टी डीलरों ने विरोध का प्रयास किया, लेकिन भारी पुलिस बल के आगे उनकी एक न चली।
पाइप लाइन रोड और बसंतपुर में बड़ी कार्रवाई
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/special-intensive-review-program-meeting/
प्रभारी प्रवर्तन जोन-02 के नेतृत्व में टीम सबसे पहले ग्राम-सरना, पाइप लाइन रोड पहुँची। यहाँ आजाद (पुत्र कल्लू) द्वारा लगभग 20 बीघा के विशाल क्षेत्रफल में अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी। इसके बाद टीम ने जलालपुर रघुनाथपुर में चतरपाल (पुत्र नत्थू सिंह) की 5 बीघा और बसंतपुर सैंतली (नवीपुर बम्बा) में सुशील खारी की 8 बीघा जमीन पर विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया।
विरोध के बावजूद जारी रहा ध्वस्तीकरण
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/sihani-gate-police-solved-a-showroom-theft/
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद विकासकर्ताओं और उनके समर्थकों ने काम रोकने की कोशिश की और जमकर नारेबाजी की। माहौल को तनावपूर्ण होते देख प्राधिकरण के पुलिस बल और स्थानीय पुलिस ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर कार्रवाई जारी रखी।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/discussion-on-ghaziabad-in-the-review-meeting/
•निर्माण कार्य: कॉलोनियों में सड़कों के लिए बनाई गई दीवारें, बाउंड्रीवॉल और साइट ऑफिस को पूरी तरह तोड़ दिया गया।
•दस्तावेजों का अभाव: किसी भी कॉलोनाइजर के पास प्राधिकरण से स्वीकृत ले-आउट या एनओसी (NOC) संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिला।
•चेतावनी: सहायक अभियंता ने मौके पर स्पष्ट किया कि भविष्य में भी बिना अनुमति किए गए किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा।
अधिकारियों की मौजूदगी
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/administration-took-strict-action-on-illegal/
इस अभियान के दौरान प्रवर्तन जोन-02 के सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर, मेट और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्राधिकरण ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई लगाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि कॉलोनी प्राधिकरण से स्वीकृत है या नहीं।
