नोएडा (शिखर समाचार)
न्यूरो चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में मेट्रो हॉस्पिटल नोएडा ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने अत्यंत जोखिमपूर्ण मस्तिष्क ट्यूमर का उपचार जागृत मस्तिष्क शल्यक्रिया पद्धति से सफलतापूर्वक करते हुए मरीज की बोलने, समझने, सोचने और चलने जैसी जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण क्षमताओं को पूरी तरह सुरक्षित रखा।
जागृत अवस्था में की गई सर्जरी
यह शल्यक्रिया सामान्य ऑपरेशन से बिल्कुल अलग थी, जिसमें मरीज को पूरी तरह बेहोश नहीं किया गया। ऑपरेशन के दौरान मरीज होश में रहा, जिससे चिकित्सक मस्तिष्क के संवेदनशील हिस्सों पर कार्य करते समय उसकी प्रतिक्रियाओं की लगातार जांच कर सके। इस तकनीक से स्थायी तंत्रिका क्षति की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है।
हाल ही में अस्पताल में भर्ती 45 वर्षीय पुरुष मरीज के मस्तिष्क के अग्र भाग में अत्यधिक बड़ा ट्यूमर पाया गया था। ट्यूमर के कारण दिमाग पर गंभीर दबाव बन गया था, जिससे मध्य रेखा का खिसकाव और हर्निएशन जैसी जानलेवा स्थिति उत्पन्न हो चुकी थी। मामला अत्यंत संवेदनशील और जोखिमपूर्ण होने के बावजूद चिकित्सकों ने सूझबूझ और आधुनिक तकनीक के सहारे सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया। सर्जरी के बाद मरीज को किसी भी प्रकार की न्यूरोलॉजिकल कमजोरी के बिना स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
वरिष्ठ विशेषज्ञों की अहम भूमिका
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इस जटिल मस्तिष्क शल्यक्रिया का नेतृत्व वरिष्ठ ब्रेन एवं स्पाइन सर्जरी विशेषज्ञ आकाश मिश्रा ने किया। उन्होंने बताया कि अग्र मस्तिष्क खंड में बड़े ट्यूमर के साथ गंभीर ब्रेन शिफ्ट की स्थिति न्यूरोसर्जरी की सबसे कठिन चुनौतियों में गिनी जाती है। जागृत क्रैनियोटॉमी तकनीक के माध्यम से सर्जरी के दौरान मरीज की वाणी, समझ और शारीरिक गतिविधियों का तत्काल परीक्षण संभव हो पाता है, जिससे ट्यूमर को अधिकतम सीमा तक सुरक्षित रूप से हटाया जा सकता है।
शल्यक्रिया की सफलता में संज्ञाहरण एवं क्रिटिकल केयर टीम की भूमिका भी अहम रही। विभाग प्रमुख कपिल सिंघल के नेतृत्व में स्कैल्प ब्लॉक और पूर्ण शिरापरक संज्ञाहरण तकनीक का प्रयोग किया गया, जिससे मरीज पूरे ऑपरेशन के दौरान आरामदायक, जाग्रत और सहयोगी बना रहा। इस प्रक्रिया से वास्तविक समय में तंत्रिका तंत्र का आकलन संभव हो सका।
आधुनिक तकनीक और टीमवर्क का उदाहरण
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वरिष्ठ न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ एवं मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की संयुक्त प्रबंध निदेशक सोनिया लाल गुप्ता ने कहा कि जागृत मस्तिष्क शल्यक्रिया कार्यात्मक न्यूरोसर्जरी की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह तकनीक साबित करती है कि जब न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन और संज्ञाहरण विशेषज्ञ एकजुट होकर काम करते हैं, तो मरीज को न केवल जीवनरक्षक उपचार मिलता है बल्कि उसकी जीवन गुणवत्ता भी बनी रहती है।
मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन पुरषोत्तम लाल ने कहा कि अस्पताल का लक्ष्य हमेशा नवीनतम चिकित्सा तकनीकों को अपनाते हुए मरीज की सुरक्षा और भविष्य को सर्वोपरि रखना रहा है। जागृत मस्तिष्क शल्यक्रिया आधुनिक चिकित्सा विज्ञान, अनुभव और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्नत न्यूरोसाइंसेज़ और आधुनिक न्यूरो संज्ञाहरण तकनीकों में निरंतर प्रगति के साथ मेट्रो हॉस्पिटल नोएडा अब उच्च जोखिम वाले मस्तिष्क ट्यूमर मामलों के उपचार में नए मानक स्थापित कर रहा है, जिससे ऐसे मरीजों को भी नई आशा मिल रही है जिन्हें पहले अत्यधिक जोखिम वाला माना जाता था।
