नई दिल्ली (शिखर समाचार)
दिल्ली छावनी परिषद परिसर में 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन गरिमा, उत्साह और देशभक्ति के भाव के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय ध्वज फहराने के उपरांत राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुआ, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत हो गया।
संविधान और देश के प्रति निष्ठा का संकल्प, छावनी परिषद के नेतृत्व में समारोह सम्पन्न
समारोह का नेतृत्व छावनी परिषद अध्यक्ष ब्रिगेडियर पी. के. मिश्रा, मुख्य अधिशासी अधिकारी रॉबिन बलेजा तथा संयुक्त मुख्य अधिशासी अधिकारी शुभम सिंघला ने किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने संविधान तथा देश के प्रति निष्ठा का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रिगेडियर पी. के. मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को आधार बनाकर छावनी क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने छावनीवासियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने, पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने और क्षेत्र को हरित बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलना समय की मांग है।
छावनी परिषद ने विकास और सेवा में निष्ठा का संकल्प दोहराया
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मुख्य अधिशासी अधिकारी रॉबिन बलेजा ने परिषद द्वारा संचालित विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि देश के समग्र विकास में छावनी परिषद अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।
समारोह में छावनी परिषद के विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक एवं कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से देशप्रेम, एकता और संविधानिक मूल्यों का संदेश दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मान, नागरिकों से समृद्ध भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान
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इस अवसर पर परिषद के उन कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया। अध्यक्ष ने सभी नागरिकों से विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए देशहित में सतत योगदान के संदेश के साथ किया

