हापुड़ (शिखर समाचार)|
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने क्षेत्र की संपत्तियों से जुड़े समस्त रिकॉर्ड को डिजिटल करने की दिशा में एक अहम और दूरगामी पहल शुरू की है। इस कदम का उद्देश्य डेटा प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाना, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार करना है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संपत्ति डेटा के डिजिटलीकरण की समीक्षा बैठक आयोजित
इस संबंध में 19 जनवरी 2026 को प्राधिकरण कार्यालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सचिव, प्रॉपर्टी ऑफिसर, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता तथा ई वाई मॉनिटरिंग एंड परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट सपोर्ट यूनिट के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान संपत्ति से जुड़े स्थिर और परिवर्तनीय डेटा को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की प्रगति की समीक्षा की गई।
ई वाई टीम द्वारा बैठक में गूगल फॉर्म आधारित प्रणाली के माध्यम से फील्ड स्तर पर परिवर्तनीय डेटा एकत्र करने की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया गया। बताया गया कि इस तकनीक से मौके पर ही सटीक जानकारी दर्ज की जा सकेगी, जिससे भविष्य में रिकॉर्ड अपडेट करने में आसानी होगी और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी।
बैठक में डेटा डिजिटाइजेशन की समयबद्ध और सटीक कार्यवाही तथा आंतरिक प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर जोर
बैठक में डेटा डिजिटाइजेशन कार्य को समयबद्ध, सटीक और प्रभावी ढंग से पूरा करने पर जोर दिया गया। साथ ही प्राधिकरण की आंतरिक डेटा प्रणालियों को आधुनिक बनाने की आवश्यकता रेखांकित की गई, ताकि सभी विभागों के बीच समन्वय बेहतर हो सके।
डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाने के लिए प्राधिकरण ने तीन माह की अवधि के लिए पांच अतिरिक्त डेटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति को स्वीकृति दी है। कनिष्ठ अभियंता नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण कर संपत्तियों से संबंधित परिवर्तनीय विवरण एकत्र करेंगे, जबकि प्रॉपर्टी ऑफिसर को प्रतिदिन कार्य प्रगति की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्राधिकरण का मानना है कि इस डिजिटल पहल से न केवल संपत्ति रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित होंगे, बल्कि योजना निर्माण, निर्णय प्रक्रिया और नागरिक सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। हापुड़ पिलखुवा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में यह कदम एक मजबूत आधार साबित होने की उम्मीद है।
