सरस्वती मेडिकल संस्थान में लोक-संस्कृति और उल्लास के रंगों में रंगा लोहड़ी महोत्सव

Rashtriya Shikhar
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Lohri festival was celebrated with the colours of folk culture and joy at Saraswati Medical Institute. IMAGE CREDIT TO सरस्वती इंस्टिट्यूट

हापुड़ (शिखर समाचार) सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज परिसर में लोहड़ी 2026 का पर्व पारंपरिक गरिमा, सांस्कृतिक वैभव और उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच भव्य रूप से मनाया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को यादगार बना दिया। पूरे कार्यक्रम में पंजाबी लोक संस्कृति, आपसी सौहार्द और सामूहिक एकता की सशक्त झलक देखने को मिली।

रंगीन परिधानों और लयबद्ध तालों में बसी सांस्कृतिक छटा: छात्राओं के गिद्धा नृत्य ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

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कार्यक्रम का शुभारंभ मंच संचालक गुनजन और गुनिका द्वारा पारंपरिक पंजाबी लोक बोलियों के साथ किया गया। उनके सजीव और प्रभावशाली संचालन ने प्रारंभ से ही सभागार में उत्साह का संचार कर दिया। इसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का क्रम शुरू हुआ, जिसमें सबसे पहले वर्ष 2024 बैच की छात्राओं चंचल, भार्गवी, प्रकृति, सिया, नव्या, प्रियाल और ख्याति ने पारंपरिक गिद्धा नृत्य प्रस्तुत किया। रंग बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी छात्राओं की भाव भंगिमाओं, लयबद्ध तालमेल और नृत्य कौशल ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिन्हें जोरदार तालियों से सराहा गया।

इसके पश्चात सामूहिक गायन प्रस्तुति में तमन्ना, दीक्षा, रोहन राज, आदित्य मिश्रा, सारंग, ईशा, नेहल और नव्या ने लोक-संगीत से सजे गीत प्रस्तुत कर वातावरण को मधुर और भावनात्मक बना दिया। गीत के माध्यम से लोहड़ी पर्व की सांस्कृतिक भावना और सामूहिक उल्लास का सुंदर चित्रण हुआ। अगले चरण में चंचल, देवेश, प्रकृति, आयुष रावत, भार्गवी, वरद, यश, तनिष्का, ख्याति और कविश द्वारा प्रस्तुत ऊर्जावान नृत्य ने सभागार में जोश भर दिया। समन्वय, आत्मविश्वास और मंचीय ऊर्जा से भरपूर इस प्रस्तुति ने दर्शकों को तालियों की गूंज के साथ झूमने पर विवश कर दिया।

सांस्कृतिक आयोजनों से छात्र विकास को मिली नई दिशा: प्रधानाचार्या बरखा गुप्ता का मार्गदर्शन

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कार्यक्रम के दौरान संस्थान की प्रधानाचार्या बरखा गुप्ता ने अपने विचार रखते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने परंपराओं के संरक्षण, सामाजिक एकता और छात्र सहभागिता को शिक्षा का अभिन्न अंग बताया।

आयोजन का मुख्य आकर्षण पारंपरिक लोहड़ी अलाव रहा, जिसे समृद्धि, सकारात्मकता और नए आरंभ का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर अलाव का विधिवत प्रज्वलन सरस्वती समूह की उपाध्यक्ष रम्या रामचंद्रन, चेन्नई स्थित एएमईटी विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष दीपा राजेश, प्रधानाचार्या बरखा गुप्ता तथा अन्य संकाय सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। अलाव के चारों ओर पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। इस मौके पर उपाध्यक्ष रम्या रामचंद्रन ने संस्थान परिवार को लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत के जीवंत प्रतीक हैं, जो समाज में एकता, सहयोग और सकारात्मक सोच को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी से ऐसे आयोजनों के माध्यम से सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

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