हापुड़ (शिखर समाचार)
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने मंगलवार को कठोर कदम उठाते हुए गढ़मुक्तेश्वर विकास क्षेत्र में चल रही अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों पर व्यापक कार्रवाई की। उपाध्यक्ष के निर्देश और पुलिस प्रशासन के सहयोग से 18 नवंबर 2025 को प्राधिकरण की टीम ने कुल चार स्थानों पर पहुंचकर अवैध रूप से विकसित किए जा रहे ढांचों को मशीनों की मदद से ध्वस्त कराया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति के की गई कोई भी प्लॉटिंग या निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गढ़मुक्तेश्वर में 20,000 वर्गमीटर की अवैध प्लॉटिंग ढही—बिना मानचित्र स्वीकृति के चल रहा था निर्माण
कार्रवाई के दौरान सबसे पहले मौहल्ला इन्द्रानगर वार्ड सं०-13 घोडा फार्म पुरानी दिल्ली रोड़ गढ़मुक्तेश्वर स्थित गौरव प्रताप व मौ० शाहिद द्वारा विकसित किए जा रहे करीब 20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र की अवैध प्लॉटिंग को तोड़ा गया। यह पूरा विकास मानचित्र स्वीकृति के बिना किया जा रहा था।
इसी क्रम में रेलवे स्टेशन से पहले रेलवे रोड गढ़मुक्तेश्वर स्थित दिलशाद अली द्वारा लगभग 15,000 वर्ग मीटर में तैयार की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को भी ध्वस्त किया गया। टीम ने मौके पर मौजूद निर्माण सामग्री हटाते हुए साफ चेतावनी दी कि बिना स्वीकृत योजना के किसी प्रकार का विकास सहन नहीं किया जाएगा।

तीसरी कार्रवाई शेर कृष्णा वाली रोड, गढ खादर, गढ़मुक्तेश्वर में आलमगीर चौधरी, शराफत अली पुत्र मोहम्मद लाला द्वारा किए जा रहे लगभग 4,000 वर्ग मीटर क्षेत्र की अवैध प्लॉटिंग पर की गई। मौके पर बने खांचे और सीमांकन को पूरी तरह हटाया गया।
चौथा ध्वस्तीकरण बदरखों ओवर ब्रिज के निकट गढ़मुक्तेश्वर स्थित योगेश त्यागी के 2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में की जा रही बिना अनुमति प्लॉटिंग पर हुआ। प्राधिकरण की टीम ने मशीनरी के सहयोग से पूरा निर्माण चिन्हित कर समाप्त किया।प्राधिकरण सचिव ने बताया कि यह अभियान प्रवर्तन टीम के
प्रभारी अजय कुमार सिंघल एवं अवर अभियन्ता जितेन्द्रनाथ दुबे एवं प्राधिकरण का सचल दस्ता सम्मिलित थे। प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माणक्षविकास कार्यों के विरूद्ध सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार के निर्माण अथवा विकास कार्य से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत अवश्य कराएं, अन्यथा अवैध पाए जाने पर कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि गैरकानूनी निर्माण कराने वाले स्वयं इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।
