मोदीनगर (शिखर समाचार)।
निवाड़ी थाना पुलिस की हिरासत से भागने के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए पतला निवासी अमित चौधरी की रविवार को उपचार के दौरान गाजियाबाद के एक निजी चिकित्सालय में मृत्यु हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं स्थिति को संवेदनशील देखते हुए पतला गांव तथा आसपास के क्षेत्रों में एहतियातन भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
हिरासत से भागने की घटना के बाद बढ़ा विवाद
इस प्रकरण में लापरवाही बरतने के आरोप में उपनिरीक्षक लोकेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक शाहिद खान, मुख्य आरक्षी सचिन मोहन तथा आरक्षी नरेंद्र को घटना के पहले ही दिन निलंबित कर दिया गया था। साथ ही मृतक के पिता की तहरीर पर अज्ञात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हत्या के प्रयास का अभियोग भी दर्ज किया गया है।
अस्पताल में पांच दिन चला इलाज, अंततः मौत
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जानकारी के अनुसार 7 अप्रैल को पुलिस को अमित चौधरी निवाड़ी घौलड़ी मार्ग पर नशे की हालत में मिला था। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे उपचार के लिए मुरादनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए थे। बताया जाता है कि इसी दौरान अमित पुलिस हिरासत से अचानक भाग निकला और दिल्ली मेरठ मार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल अवस्था में उसे गाजियाबाद के नेहरू नगर स्थित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां बीते पांच दिनों से उसका उपचार चल रहा था। सहायक पुलिस आयुक्त भास्कर वर्मा ने बताया कि उपचार के दौरान रविवार को अमित चौधरी की मृत्यु हो गई।

गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
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शाम के समय जब मृतक का शव पतला गांव पहुंचा तो वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर अमित की हत्या का आरोप लगाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी तथा सेवा से बर्खास्त किए जाने की मांग की। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अमित चौधरी का अंतिम संस्कार कराया गया। प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
