ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। स्वदेशी औद्योगिक विकास को नई दिशा देते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी नीनजस इलेक्ट्रिक को सेक्टर 8डी में 20 हजार वर्ग मीटर भूमि पर मेगा उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए आशय पत्र जारी किया है। यह कदम देश में हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ईवी और सौर तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी छलांग, बनेगा आधुनिक विनिर्माण केंद्र
प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित यह नई औद्योगिक इकाई उन्नत इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण से जुड़े उत्पादों के निर्माण का केंद्र बनेगी। परियोजना के अंतर्गत ऑनबोर्ड इलेक्ट्रिक वाहन चार्जर तथा सौर ऊर्जा आधारित पावर बैंक का बड़े स्तर पर निर्माण किया जाएगा। इससे देश में उच्च क्षमता वाले पावर इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की घरेलू आपूर्ति को बल मिलेगा और आयात पर निर्भरता घटेगी।
यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने नीनजस इलेक्ट्रिक के प्रबंध निदेशक विनीत गुप्ता को औपचारिक रूप से आशय पत्र सौंपा। इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया सहित प्राधिकरण और कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
हवाई अड्डे के समीप सेक्टर-8डी बनेगा ईवी उद्योग का नया वैश्विक केंद्र
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सेक्टर 8डी में विकसित होने वाली यह परियोजना रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह क्षेत्र नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट स्थित है और उभरते इलेक्ट्रिक वाहन औद्योगिक समूह का प्रमुख केंद्र बन रहा है। बेहतर परिवहन, संपर्क मार्ग और लॉजिस्टिक सुविधाओं के कारण यह इकाई भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की विनिर्माण क्षमता विकसित करने में सहायक होगी।
इस परियोजना के माध्यम से दोपहिया, तिपहिया और हल्के वाणिज्यिक वाहनों के लिए उच्च सुरक्षा मानकों वाले ऑनबोर्ड चार्जर विकसित किए जाएंगे। साथ ही ऐसे सौर ऊर्जा पावर बैंक तैयार किए जाएंगे, जो आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे। नीनजस इलेक्ट्रिक द्वारा इस परियोजना में लगभग 169 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। इससे क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को हरित प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के एक सशक्त केंद्र के रूप में नई पहचान मिलेगी।
