मेरठ (शिखर समाचार) प्रदेश में जघन्य और सनसनीखेज अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में पुलिस ने तकनीक आधारित एक और मजबूत कदम बढ़ाया है। मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज के सभी जनपद प्रभारियों, राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को यक्ष ऐप के उद्देश्य, उपयोग और क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
यक्ष ऐप से अपराध पर डिजिटल शिकंजा: पहचान, निगरानी और सत्यापन अब एक क्लिक पर
ब्रीफिंग के दौरान बताया गया कि यक्ष ऐप को प्रदेश स्तर पर माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस मुख्यालय से प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य अपराधियों की पहचान, निगरानी और सत्यापन को अधिक सटीक व प्रभावी बनाना है। इस ऐप के माध्यम से किसी भी जनपद में अपराध करने वाले अपराधियों का डिजिटल अभिलेख तैयार किया जाएगा और उनका निरंतर सत्यापन सुनिश्चित होगा।
यक्ष ऐप के तहत बीट व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। प्रत्येक थाना क्षेत्र में शीर्ष दस अपराधियों का चयन पारदर्शी और आंकड़ा आधारित प्रक्रिया से किया जाएगा, जिससे निगरानी और कार्रवाई में तेजी आएगी। गंभीर अपराधों की रोकथाम के लिए इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चेहरे की पहचान और आवाज पहचान की सुविधा दी गई है, जिससे संदिग्धों की पहचान आसान होगी और अपराधों के अनावरण में मदद मिलेगी।
चेहरे से पहचान, अपडेटेड डाटाबेस: यक्ष ऐप से अपराधियों की कोई छल नहीं पाएगा
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ऐप की खासियत यह है कि किसी भी जघन्य या सनसनीखेज घटना के घटित होते ही इसके डाटाबेस से संभावित अपराधियों की अद्यतन जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी। पहले से दर्ज अपराधियों की पहचान चेहरे के मिलान से की जा सकेगी, जिससे नाम बदलने या फरारी की स्थिति में भी सटीक पहचान संभव होगी।
यक्ष ऐप का मुख्य उद्देश्य बीट स्तर पर जवाबदेही तय करना है। बीट कर्मचारी अपराधियों के निवास स्थान पर जाकर सत्यापन करेंगे और गांव अथवा मोहल्ले के लोगों व परिजनों से बातचीत कर सही जानकारी दर्ज करेंगे। बीट के अपराधी की जिम्मेदारी बीट सिपाही के नाम के सिद्धांत पर कार्य करते हुए वास्तविक सक्रिय अपराधियों, माफिया, हिस्ट्रीशीटर, जिला बदर, वांछित और इनामी अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
सजायाफ्ता अपराधियों पर कड़ी निगरानी: यक्ष ऐप में रंग कोडिंग, स्कोरिंग और रियल-टाइम अलर्ट जैसी सुविधाएँ
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इसके साथ ही सजायाफ्ता अपराधियों की निगरानी, लाइसेंसी शस्त्र और कारतूसों का सत्यापन, अभियुक्तों की श्रेणीवार रंग कोडिंग, अपराध की संवेदनशीलता और हथियार के आधार पर स्कोर निर्धारण जैसी व्यवस्थाएं भी ऐप में शामिल की गई हैं। यदि कोई अभियुक्त अपना निवास स्थान बदलता है तो संबंधित क्षेत्र के बीट कर्मी को स्वतः सूचना मिल जाएगी, जिससे तत्काल सत्यापन संभव होगा।
यक्ष ऐप में उन्नत गैंग विश्लेषण सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे संगठित गिरोहों की पहचान आसान होगी और उनके विरुद्ध कार्रवाई में तेजी आएगी।
ब्रीफिंग के समापन पर पुलिस उपमहानिरीक्षक ने कहा कि यक्ष ऐप के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल अपराध नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि बीट स्तर पर जवाबदेही तय होने से कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनेगी।
