मेरठ (शिखर समाचार) प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब पुलिस ने बेहद ठोस पहल की है। मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कहा है कि रेंज के सभी जिलों के हर थाने पर आने वाले तीन दिनों के भीतर महिला सुरक्षा यूनिट का गठन अनिवार्य रूप से कर लिया जाए और इसके लिए थाने के भीतर अलग से कक्ष उपलब्ध कराया जाए। यह कदम राज्य स्तर पर महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के हालिया निर्देशों के बाद उठाया गया है, जिसमें 19 सितंबर तक प्रदेशभर के सभी थानों में महिला सुरक्षा केन्द्र स्थापित करने की समयसीमा तय की गई है। आदेश के मुताबिक हर थाने में गठित होने वाली यह यूनिट न केवल महिला अपराधों की रोकथाम में सहायक होगी बल्कि पीड़िताओं के लिए थाने के भीतर एकल सम्पर्क बिन्दु के रूप में कार्य करेगी। शिकायत दर्ज कराने से लेकर पीड़िता की काउंसलिंग, सहयोग, मार्गदर्शन और सुरक्षा तक की पूरी प्रक्रिया अब इसी केन्द्र से संचालित होगी। यूनिट का नेतृत्व उप निरीक्षक स्तर का अधिकारी करेंगे और इसमें प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिनमें निरीक्षक, उप निरीक्षक, मुख्य आरक्षी, आरक्षी तथा महिला होमगार्ड शामिल रहेंगे।
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महिला सुरक्षा केन्द्रों को सशक्त और संवेदनशील बनाने के लिए आवश्यक संसाधन भी सुनिश्चित किए जा रहे हैं। प्रत्येक केन्द्र में मेज, कुर्सी, कम्प्यूटर, प्रिन्टर, अलमारी, वाटर डिस्पेंसर, अभिलेख रजिस्टर, स्टेशनरी, सीसीटीवी कैमरा और महिला टॉयलेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अब तक महिला हेल्प डेस्क के लिए जो भी संसाधन प्रदान किए गए थे, उन्हें भी इन केन्द्रों में शामिल किया जाएगा ताकि सुविधाओं का बेहतर उपयोग हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पहल केवल महिला अपराधों की रोकथाम तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि पीड़िताओं को मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। माना जा रहा है कि इस कदम से महिलाओं का थानों पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा कानून-व्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

