मेरठ (शिखर समाचार) पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापना की वर्षों पुरानी मांग को मजबूत करते हुए हाईकोर्ट केंद्रीय संघर्ष समिति द्वारा 17 दिसंबर 2025 को घोषित पूर्ण मेरठ बंद को समाज के अलग-अलग संगठनों से लगातार व्यापक समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश गोस्वामी युवा महासंघ ने भी अपने औपचारिक समर्थन की घोषणा करते हुए आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की है।
पश्चिमी यूपी की न्यायिक लड़ाई को मिला दम—संघर्ष समिति के ऐतिहासिक बंद को राष्ट्रीय समर्थन
राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्कर गोस्वामी (एडवोकेट) अपने सहयोगियों के साथ मेरठ बार एसोसिएशन पहुंचे, जहां उन्होंने अध्यक्ष संजय शर्मा व महामंत्री राजेंद्र राणा को समर्थन पत्र सौंपा। महासंघ ने साफ कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों नागरिकों के न्यायिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट बेंच की स्थापना अब अनिवार्य हो चुकी है और इस दिशा में संघर्ष समिति का यह बंद ऐतिहासिक पड़ाव साबित होगा। इसके लिए संगठन पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है।
समर्थन पत्र सौंपते समय महासंघ के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि वर्षों से लंबित इस मांग ने जनता और अधिवक्ताओं दोनों को न्याय तक पहुंच के लिए अतिरिक्त बोझ उठाने पर मजबूर किया है। इसलिए मेरठ में हाईकोर्ट बेंच का गठन न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुगम और त्वरित बनाएगा। महासंघ ने बंद को हर स्तर पर सफल कराने के लिए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
नेतृत्व की मजबूत मौजूदगी—वरिष्ठ पदाधिकारियों की सहभागिता ने आंदोलन को दी नई ऊर्जा
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/new-chapter-in-international-education/
मौके पर कोषाध्यक्ष पुष्पराज गोस्वामी, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष अर्चना गोस्वामी (एडवोकेट), उपाध्यक्ष दीपक गोस्वामी (एडवोकेट), संरक्षक विनोद गोस्वामी (संपादक), कुलदीप गिरि, जितेंद्र गोस्वामी, मनोज गिरि (एडवोकेट), जगदीश गिरि (एडवोकेट), वर्धमान (एडवोकेट), नीतीश सहित संगठन के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
महासंघ का कहना है कि हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए यह एक निर्णायक समय है, और 17 दिसंबर का बंद मेरठ ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आवाज़ बनकर उभरेगा।
