हापुड़ (शिखर समाचार)।
नगर पालिका परिषद द्वारा कूड़ा उठाने के नाम पर 50 रुपये प्रतिमाह वसूलने के प्रस्ताव को लेकर शहर के व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। संयुक्त हापुड़ उद्योग व्यापार मंडल ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह अवैध बताते हुए इसे हर स्तर पर विरोध करने का ऐलान किया है।
व्यापारियों ने प्रस्ताव को बताया अवैध
मंगलवार को चंडी रोड स्थित चैंबर ऑफ कॉमर्स परिसर में आयोजित विशेष बैठक में व्यापारियों ने एक स्वर में इस प्रस्ताव को जनविरोधी करार दिया। बैठक की अध्यक्षता ललित अग्रवाल (छावनी वाले) ने की, जबकि संचालन महामंत्री संजय अग्रवाल ने किया।
बैठक में बताया गया कि नगर क्षेत्र में लगभग 35 हजार मकान और 3 हजार व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो नगर पालिका को हर महीने करीब 19 लाख रुपये की अतिरिक्त आय होगी, जो सालाना 2 करोड़ 28 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। व्यापारियों ने इस वसूली को गैरकानूनी बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की।
टैक्स वसूली और सुविधाओं पर सवाल
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व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने नगर पालिका पर पहले से ही हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स के रूप में भारी कर वसूली का आरोप लगाते हुए कहा कि इन करों के उपयोग में पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई।
बैठक में शहर की खराब सफाई व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति को लेकर भी नाराजगी जताई गई। व्यापारियों ने कहा कि जब मूलभूत सुविधाएं ही संतोषजनक नहीं हैं, तो अतिरिक्त शुल्क थोपना पूरी तरह अनुचित है।
आंदोलन की चेतावनी और अन्य मुद्दे
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साथ ही टिंबर व्यापारी के घर हुई दिनदहाड़े चोरी की घटना पर भी चिंता व्यक्त की गई। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी कि यदि प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया, तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा और इसका समर्थन करने वाले जनप्रतिनिधियों को आगामी चुनावों में जनता के विरोध का सामना करना पड़ेगा।
बैठक में शहर के अनेक व्यापारी मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर संघर्ष का संकल्प लिया।
